जहाँ तक जाती है नजर वहाँ आँखे जाती है ठहर
रायपुर : कोरबा जिले का बाँगो जलाशय जिसका अधिकृत नाम अविभाजित मध्यप्रदेश में छत्तीसगढ़ की पहली महिला सांसद मिनीमाता के नाम पर रखा गया है। मिनीमाता हसदेव बाँगो परियोजना प्रकृति के सुरम्य वातावरण के बीच कई ऊंचे पर्वतों के आसपास जलमग्न इस नजारों को देखने यहां हजारों पर्यटक हर साल यहां आते हैं। यहां आकर पर्यटकों की आंखों की पलके तब तक नहीं झपकती जब तक वह इस नयनाभिराम नजारों को अंतिम छोर तक नहीं देख लेता। हालांकि दूर-दूर तक कई किलोमीटर में फैला यह जलमग्न दृश्य हर किसी के आँखों में पूरी तरह से कैद नहीं हो पाता, क्योंकि उनकी नजरें जहाँ तक जा पाती है। पानी के ठहराव के बीच देखने वालों की आँखे भी वहीं तक ही ठहर जाती है। कोरबा जिले की पहचान और छत्तीसगढ़ की शान मिनीमाता हसदेव बाँगो जलाशय देखने वालों को रोमांचित ही नहीं करती, उन्हें अचंभित भी कर देती है। यहां आना और इन नजारों को करीब से देख पाना किसी सौभाग्य से कम नहीं, क्योंकि यह खूबसूरती की ही नहीं, लाखांे लोगों की प्यास बुझाने के साथ किसानों के खेतो को हरा-भरा बनाकर उनके समृद्धि की भी पहचान है।
कोरबा शहर से लगभग 50 किलोमीटर दूर पोड़ी उपरोड़ा ब्लॉक के अंतर्गत मिनीमाता बाँगो जलाशय छत्तीसगढ़ राज्य में सबसे बड़ा जलाशय की पहचान रखता है। जल संसाधन विभाग के मिनीमाता (हसदेव) बांगो परियोजना अंतर्गत कोरबा जिले में स्थित मिनीमाता बांगो बांध का निर्माण कार्य वर्ष 1992 में पूर्ण हुआ। यह बांध प्रदेश का सबसे अधिक जल भराव क्षमता एवं सबसे ऊँचा बांध है, इस बांध की जल भराव क्षमता 2894.33 मिलियन क्यूबिक मीटर (लाइव स्टोरेज) एवं 3264.33 मिलियन क्यूबिक मीटर (ग्रास स्टोरेज) है साथ ही बांध का डूबान क्षेत्र 185 स्क्वॉयर किलोमीटर है, इस बांध की ऊंचाई नदी के तल से 73 मीटर एवं फाउंडेशन लेवल से 87 मीटर है। यह बांध तीन महत्वपूर्ण हिस्सों में बना है जो कि 1. रॉक फिल बांध 2. मेसनरी बांध 3. मिटटी बांध है, जिसमे से रॉक फिल बांध 177मीटर, मेसनरी बांध 554.5 मीटर एवं मिटटी बांध 1778 मीटर है। मिनीमाता बांगो बांध की कुल लम्बाई 2509.5 मीटर है। इस परियोजना में 6730 वर्ग किमी जलग्रहण क्षेत्र, बांध का उच्चतम स्तर 366 मीटर, अधिकतम जलाशय स्तर 363.08 मीटर, पूर्ण जलाशय स्तर 359.66 मीटर है। वर्तमान में बांध की सुरक्षा के लिए विभिन्न जटिल कार्यों को सम्बद्ध किया गया है। यहां बांध के सुरक्षा के लिए जवान लगातार तैनात है और सीसीटीवी से भी निगरानी रखी जा रही है। इस बांध और आसपास के सुंदर नजारों को निहारने के लिए कोरबा जिला ही नहीं अन्य जिले के लोग भी निरन्तर यहां आते हैं। कोरिया जिले से आए पर्यटक परमानंद दास, सुशीला सिंह, माया सिंह ने बांगो बांध का नाम सुना था। उन्हें इस बांध को करीब से देखने की इच्छा थी। यहां आकर जब बांध को देखा तो उन्हें दूर-दूर तक पानी का ऐसा नजारा दिखा जैसे कोई नीला आकाश है। उन्होंने बताया कि वाकई में बांगो बांध को करीब से देख लेना सौभाग्य की बात है।
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