शिप्रा नदी से जहाज के माध्यम से खाड़ी देशों तक व्यापार
उज्जैन । विक्रम विश्वविद्यालय के पुरातत्व विशेषज्ञ डॉ रमन सोलंकी और अश्विनी शोध संस्थान के निदेशक डॉक्टर आरसी ठाकुर ने 4000 पुरानी बस्ती के अवशेष को खोजा है।खुदाई के दौरान 4000 वर्ष पुरानी एक सील मिली है। ब्राह्मी और संस्कृत लिपि मे लेख भी मिला है। लेख के अनुसार सिपारा गांव से शिप्रा, चंबल नदी, यमुना, गंगा होते हुए खाड़ी के देशों तक व्यापार होने की जानकारी मिली है।
रतलाम के आलोट तहसील के सिपारा गांव में कई पुरातत्व अवशेष प्राप्त हुए हैं। एक मिट्टी की मोहर मिली है। जिसमें तैरता जहाज और नीचे मछली कि आकृति दिखाई गई है। मोहर की आकृति से स्पष्ट होता है। शिप्रा नदी, चंबल से मिलते हुए यमुना, गंगा से अरब सागर के रास्ते को दर्शाती है।
रतलाम उज्जैन के व्यापारी 2000 साल पहले नदी मार्ग से खाड़ी के देशों तक व्यापार करने के लिए जाते थे। इस जल मार्ग का उपयोग नदियों से होते हुए अरब सागर मे मिलता था। इस खोज से मालवा अंचल के श्रमद्ध होने और व्यापार के बारे में पता लगता है।खुदाई में 4000 वर्ष पुरानी बस्ती के अवशेष मिले हैं।
बीसीसीआई ने जारी किया आईपीएल के दूसरे चरण का शेड्यूल, 24 मई तक होंगे लीग मैच
एयर इंडिया की लंदन फ्लाइट तकनीकी खराबी के कारण 7 घंटे बाद दिल्ली लौटी
आंध्र प्रदेश बस हादसा: रेवंत रेड्डी ने जताया शोक, PMO का मुआवजा एलान
होर्मुज तनाव के बीच सरकार का भरोसा: पेट्रोल-डीजल और LPG की कोई कमी नहीं
Mamata Banerjee बोलीं- नाम हटने वालों के साथ खड़ी रहेगी TMC
इंदौर अग्निकांड: पुगलिया परिवार का बयान बदला, हादसे के दिन कार थी चार्जिंग पर
Narendra Modi कल सभी राज्यों के CM के साथ करेंगे अहम बैठक
पान मसाला विज्ञापन केस में Salman Khan पर शिकंजा, कोर्ट ने पुलिस को दिए निर्देश