हंगामेदार होगा मप्र विधानसभा का मानसून सत्र
भोपाल। विधानसभा का मानसून सत्र 28 जुलाई से प्रारंभ होगा। यह सत्र हंगामेदार होगा। इसके लिए कांग्रेस ने अभी से तैयारियां शुरू कर दी है। कांग्रेस इस सत्र में एससी-एसटी के मुद्दों पर सरकार को घेरगी, वहीं कानून-व्यवस्था, भ्रष्टाचार आदि को भी उठाया जाएगा। इसके लिए कांग्रेस ने अपने सभी विधायकों को तैयारी करने का निर्देश दिया है। पार्टी सूत्रों के अनुसार, विधानसभा के मानसून सत्र में सरकार को घेरने के लिए कांग्रेस अनुसूचित जाति वर्ग पर हो रहे अत्याचार के मामलों को उठाएगी। इसके लिए सागर, छतरपुर, दमोह सहित अन्य जिलों में हुईं हत्या-मारपीट जैसी घटनाओं पर सरकार से जवाब मांगा जाएगा। साथ ही ग्वालियर में डॉ. भीमराव आंबेडकर की प्रतिमा स्थापना के मामले में सरकार की चुप्पी, लगातार लिए जा रहे कर्ज, खाद की कमी सहित अन्य मुद्दों को भी उठाने की तैयारी है।
गौरतलब है कि विधानसभा का मानसून सत्र 28 जुलाई से प्रारंभ होगा। 10 दिन सदन चलेगा। इसमें सरकार को घेरने के लिए कांग्रेस सागर जिले के रहली क्षेत्र में ओंकार अहिरवार और छतरपुर जिले के लवकुश नगर में पंकज प्रजापति की हत्या का मामले को आधार बनाकर सरकार से जवाब मांगेगी। इसी तरह दमोह के तेंदूखेड़ा क्षेत्र में गुंडागर्दी के साथ बुरहानपुर जिले के नेपानगर में आदिवासियों के पट्टे निरस्त करने का मुद्दा उठाने की तैयारी है। पार्टी का आरोप है कि प्रदेश के तीन लाख से अधिक पात्र आदिवासियों की पात्रता होने के बाद भी अब तक वन अधिकार अधिनियम के अंतर्गत पट्टे नहीं दिए हैं। दूसरी ओर आदिवासियों की जमीन बड़े पैमाने पर अधिकारियों द्वारा सांठगांठ करके गैर आदिवासियों को बेची जा रही है। प्रदेश के ऊपर कर्ज सवा चार लाख करोड़ रुपये से अधिक हो चुका है। इसे कम करने के स्थान पर सरकार लगातार कर्ज ले रही है। वहीं, विभागों में पूंजीगत कामों की गति धीमी है, जिसके कारण अधोसंरचना विकास के काम प्रभावित हो रहे हैं।
भाजपा संविधान और दलित विरोधी
कांग्रेस पार्टी ने अपने विधायकों से कहा है कि वे विधानसभा में इस बात को पूरी ताकत के साथ रखें कि भाजपा संविधान और दलित विरोधी है। ग्वालियर में डॉ. भीमराव आंबेडकर की प्रतिमा स्थापना से जुड़े विवाद पर अब तक न तो मुख्यमंत्री डॉ.मोहन यादव ने समाधान निकालने की कोई पहल ही और न ही पार्टी की ओर से अपना पक्ष स्पष्ट किया गया। इससे साफ है कि भाजपा संविधान विरोधी है। दलितों पर अत्याचार के मामले में प्रदेश अव्वल है। कानून व्यवस्था ध्वस्त हो चुकी है।
इजरायल के आगे पाकिस्तान झुका? रक्षा मंत्री ने ‘कैंसर’ वाली पोस्ट डिलीट की
वरुण नगर योजना में सस्ती जमीन का मौका, सिर्फ 2500 रुपये प्रति वर्गफीट में प्लॉट
महक-परी का वीडियो वायरल होते ही बवाल, पड़ोसियों और परिजनों में मारपीट
असम चुनाव से पहले बड़ा कदम, BSF ने बॉर्डर पार परिवारों को दी एंट्री
मऊ में दर्दनाक हादसा, एक ही गांव के तीन दोस्तों की मौत
आंधी का कहर, 2 लाख लोगों की बिजली 22 घंटे तक रही गुल
PM मोदी पर हमले की साजिश! बक्सर से CIA को मैसेज भेजने वाले 3 युवक गिरफ्तार
हाईकोर्ट का बड़ा फैसला: शादीशुदा होकर लिव-इन में रहने पर भी नहीं छिनेंगे कानूनी अधिकार