पहलगाम बरसी से पहले सख्त चेतावनी, इंडियन आर्मी का कड़ा रुख
नई दिल्ली: पहलगाम आतंकी हमले की पहली बरसी (22 अप्रैल) से ठीक पहले भारतीय सेना ने पाकिस्तान को अत्यंत कड़े शब्दों में चेतावनी दी है। पिछले साल इस कायरतापूर्ण हमले के जवाब में सेना ने 'ऑपरेशन सिंदूर' चलाकर सीमा पार आतंकी ठिकानों को नेस्तनाबूद कर दिया था। अब एक साल बाद, सेना ने फिर दोहराया है कि भारत की संप्रभुता के साथ खिलवाड़ का अंजाम क्या होता है, यह पाकिस्तान को याद रखना चाहिए।
क्या था 'ऑपरेशन सिंदूर'?
ज्ञात हो कि 22 अप्रैल 2025 को पहलगाम में हुए आतंकी हमले में 25 निर्दोष पर्यटकों की जान चली गई थी। इस रक्तपात का बदला लेने के लिए भारतीय सेना ने तत्काल जवाबी कार्रवाई करते हुए 'ऑपरेशन सिंदूर' को अंजाम दिया। इस सर्जिकल स्ट्राइक जैसी कार्रवाई में पाकिस्तान की जमीन पर पल रहे लश्कर-ए-तैयबा और जैश-ए-मोहम्मद के अड्डों को ध्वस्त कर दिया गया था। इस प्रहार की चोट पाकिस्तान को आज भी सालती है।
सेना का 'ऐतिहासिक' संदेश
बरसी से पूर्व भारतीय सेना ने सोशल मीडिया के माध्यम से एक सशक्त संदेश साझा किया है:
"जब इंसानियत की मर्यादाएँ लांघी जाती हैं, तो उसका उत्तर ऐतिहासिक होता है। न्याय की जीत निश्चित है। भारत एक स्वर में खड़ा है और याद रहे—कुछ सीमाएं कभी पार नहीं की जानी चाहिए। भारत कभी नहीं भूलता।"
कश्मीर में हाई अलर्ट, सुरक्षा चाक-चौबंद
कल यानी 22 अप्रैल 2026 को इस घटना का एक वर्ष पूरा होने पर पूरे कश्मीर में सुरक्षा व्यवस्था अत्यंत कड़ी कर दी गई है। विशेष रूप से प्रसिद्ध पर्यटन स्थलों पर अतिरिक्त बल तैनात किए गए हैं ताकि सैलानियों की सुरक्षा में कोई सेंध न लग सके।
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