फर्जी रेलवे भर्ती मामला: बिहार समेत 4 राज्यों में ईडी की छापेमारी
पटना। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने फर्जी सरकारी नौकरी दिलाने के मामले में गुरुवार सुबह से व्यापक छापेमारी अभियान शुरू कर दिया है। ईडी की यह कार्रवाई सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर चल रही ठगी और मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़ा है। पेशेवर गिरोह ने विभिन्न सरकारी विभागों के नाम और फर्जी दस्तावेज़ों के जरिए न केवल आम जनता को ठगा, बल्कि करोड़ों रुपये की आर्थिक ठगी की। ईडी अधिकारियों का कहना है कि इस छापेमारी से कई महत्वपूर्ण सुराग और डिजिटल साक्ष्य मिल सकते हैं, जो गिरोह के पूरे नेटवर्क का खुलासा करेंगे। जानकारी के मुताबिक यह घोटाला खासकर भारतीय रेलवे और देश के अन्य 40 सरकारी विभागों में भर्तियों के नाम पर संचालित किया जा रहा था। ईडी के अनुसार, यह गैंग फर्जी ईमेल अकाउंट और दस्तावेज तैयार कर लोगों को नियुक्ति पत्र, कॉल लेटर और अन्य सरकारी प्रमाण पत्र भेजता था। इन दस्तावेज़ों को इस तरह तैयार किया जाता था कि देखने में यह बिल्कुल सरकारी विभागों के द्वारा जारी किए गए दस्तावेज़ लगते थे। इस ठगी में लोगों का विश्वास जीतने के लिए गिरोह ने कुछ लोगों के बैंक खातों में 2 से 3 महीने तक सैलरी भी भेजी। विशेष रूप से आरपीएफ, टीटीई, रेलवे टेक्नीशियन, डाक विभाग, वन विभाग, टैक्स डिपार्टमेंट, हाई कोर्ट, लोक निर्माण विभाग, बिहार सरकार, दिल्ली डेवलपमेंट अथॉरिटी (डीडीए), राजस्थान सचिवालय आदि के नाम पर यह घोटाला किया गया। इस छापेमारी के दौरान ईडी की टीम ने कई डिजिटल उपकरण, फर्जी दस्तावेज और बैंकिंग ट्रांज़ैक्शन से जुड़े प्रमाण जुटाए हैं। आने वाले दिनों में इन सबका विश्लेषण कर ईडी गिरोह के अन्य सदस्यों और उनके धन-आस्तियों तक पहुँचने की कोशिश करेगी। इस मामले में आगे की जांच से पता चल सकता है कि यह घोटाला कितने समय से चल रहा था और इससे कितने लोगों को नुकसान हुआ है। ईडी के मुताबिक यह पूरा नेटवर्क अत्यंत संगठित और पेशेवर तरीके से संचालित किया जा रहा था। इस मामले में ईडी ने बिहार, पश्चिम बंगाल, उत्तर प्रदेश, तमिलनाडु, गुजरात और केरल में छापेमारी की है। इन 6 राज्यों के कुल 15 शहरों में छापेमारी जारी हैं। बिहार के मुजफ्फरपुर में एक स्थान पर और मोतिहारी में दो स्थानों पर छापे मारे जा रहे हैं। पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में भी इस गिरोह के दो ठिकानों पर छापेमारी की जा रही है। इसके अलावा चेन्नई, राजकोट और केरल के चार शहरों में भी ईडी ने छापेमारी की पुष्टि की है। जानकारों के अनुसार, इस तरह के स्कैम में आम तौर पर सोशल मीडिया और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स का भी इस्तेमाल किया जाता है। इस मामले में ईडी ने अब तक जो जानकारी जुटाई है, उसके मुताबिक गिरोह के पास फर्जी जॉब पोर्टल, ईमेल और बैंक अकाउंट का व्यापक नेटवर्क है। इसके जरिए यह गिरोह लोगों को भर्तियों के नाम पर आकर्षित करता और फिर उनसे भारी रकम ऐंठ लेता।
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