तिब्बती बकरियों का क्लोन बनाया चीन ने
बीजिंग । चीन ने दावा किया है कि उसने पहली बार तिब्बत की बकरियों को क्लोन करने में सफलता पाई है और इसके लिए उसी तकनीक का उपयोग किया गया है जिसे दुनिया की पहली क्लोन की गई भेड़ के लिए इस्तेमाल किया गया था।
चीन ने एक बार फिर एक बड़ी वैज्ञानिक उपलब्धि हासिल की है। इस तकनीक से चीन पहले ही बंदर की क्लोनिंग भी कर चुका है। वैज्ञानिकों ने सोमेटिक सेल क्लोनिंग तकनीक का उपयोग किया जिसें एक वयस्क कोशिका के केंद्रक को नई अंडे वाली कोशिका में स्थानांतरित किया गया। इसके बाद इस अंडे को एक सेरोगेट मां के गर्भ में डाला गया जिसने ऐसे बकरी के बच्चे को जन्म दिया जिसमें उसका कोई डीएनए नहीं था। एक वीडियो के मुताबिक पहला बच्चा 7.4 पाउंड का था और स्वस्थ है लेकिन दूसरी बकरी के बारे में किसी तरह का कोई जिक्र नहीं किया गया। वे एक बड़े नर बकरी से क्लोन किए गए थे जिन्हें प्रजनन के लिए चुना गया था।
चीनी वैज्ञानिक बकरियों की जनसंख्या में से खास तरह के जेनेटिक पदार्थों की संरक्षित कर रहे हैं जो कि बकरी पालने वालों के लिए एक कठिन काम है। इसी के जरिए पूरी की पूरी जेनेटिक जानकारी को ही क्लोनिंग कर कॉपी की जा सकती है। इसका मकसद अनुवांशिकी संसाधनों की बढ़ाना और अच्छे से उपयोग कर पाना है जिससे स्थानीय किसानों की आय बढ़े और स्थानीय पशुपालन उद्योग का विकास हो सके। टीम ने ऐसे बकरों का क्लोन बनाया है जो भारी मात्रा में ऊन पैदा करते हैं।
इस प्रयोग का मकसद ऐसे नर बकरे बनाना है जो सबसे अच्छा ऊन पैदा करते हैं। इस उपलब्धि के बारे में ज्यादा जानकारी तो नहीं दी गई लेकिन हां जिस जानवर से सोमेटिक कोशिका बनाई गई उसकी जानकारी जरूर सार्वजनिक कर दी गई है। इसी तकनीक ने स्कॉटलैंड में डॉली नाम की भेड़ को क्लोनिंग से बनाया गया था।
PM मोदी ने बताया क्यों रखा PMO का नाम ‘सेवा तीर्थ’, जानिए इसके पीछे की सोच
हाईवे की एयरस्ट्रिप पर उतरा नरेंद्र मोदी का विमान, ऐसा करने वाले पहले पीएम बने
बागेश्वर धाम में सजा विवाह मंडप, धीरेंद्र शास्त्री ने मोहन यादव को लगाई परंपरा की हल्दी
चाकसू में NH-52 पर भीषण हादसा: ट्रेलर में घुसी कार, एमपी के 5 श्रद्धालुओं की मौत
नरेंद्र मोदी ने पुलवामा शहीदों को दी श्रद्धांजलि, बोले– उनका साहस हर भारतीय को करता है प्रेरित
छत्तीसगढ़ के राशन कार्डधारकों के लिए खुशखबरी… इस दिन से मिलेगा एक साथ 2 महीने का चावल
पहाड़ से जंगल तक पक्के घर: छिंदवाड़ा प्रधानमंत्री की गुड लिस्ट में टॉप
बाबा महाकाल के दर्शन होंगे आसान, भोपाल-उज्जैन के बीच चलेंगी 3 जोड़ी स्पेशल ट्रेनें, जानिए रूट और शेड्यूल
सोने-चांदी की कीमतों में उतार-चढ़ाव से असंगठित ज्वैलर्स की बिक्री में गिरावट, जानें क्या है वजह
बेरहम बाजार: क्या एआई निगल जाएगा भारत की आईटी कंपनियों का भविष्य? 4.5 लाख करोड़ रुपये हवा हुए, अब आगे क्या?