चाकू मारने के मामले में FIR रद्द करने की मांग खारिज
रायपुर|छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने कोरबा में चाकू से हमला करने के मामले में दर्ज एफआईआर और चार्जशीट को रद्द करने की मांग वाली याचिका खारिज कर दी है. कोर्ट ने कहा कि मामले में प्रथम दृष्टया पर्याप्त सामग्री मौजूद है और आरोपों की सच्चाई का परीक्षण ट्रायल के दौरान ही किया जा सकता है. यह आदेश मुख्य न्यायाधीश रमेश सिन्हा और न्यायमूर्ति रविंद्र कुमार अग्रवाल की डिवीजन बेंच ने पारित किया|
क्या है पूरा मामला?
याचिकाकर्ता आयुष कुमार सिंह (एफआईआर में आयुष उर्फ मोंटी सिंह राजपूत) ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर कोरबा के सिविल लाइन रामपुर थाने में दर्ज अपराध को रद्द करने की मांग की थी. यह मामला भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 109 और 3(5) के तहत दर्ज किया गया है. एफआईआर के अनुसार 16 मई 2025 की रात करीब 11:15 बजे भगवत नगर पोड़ीबहार में प्रार्थी अपने भाई प्रमोद यादव और मित्र विक्रांत साहू के साथ बातचीत कर रहा था|
इसी दौरान पुराने विवाद के चलते नाबालिग सह-आरोपी मुन्नी त्रिपाठी और याचिकाकर्ता मौके पर पहुंचे और प्रमोद यादव पर हमला कर दिया. आरोप है कि नाबालिग आरोपी ने बटन चाकू से प्रमोद यादव के पेट, सीने, कमर, चेहरे और हाथ पर कई वार किए. बीच-बचाव करने आए प्रार्थी को भी चोट लगी थी|
सीजफायर कुछ घंटे भी नहीं टिका: UAE-कुवैत पर मिसाइल और ड्रोन हमला, ईरान में बड़ा धमाका
अमेरिका-ईरान सीजफायर पर भारत का बयान: समझौते का किया स्वागत
गैस नहीं, बिजली से पकता है खाना—नई तकनीक का कमाल
David Warner ने ड्राइविंग से पहले शराब पीने की बात कबूली
Rani Durgavati Vishwavidyalaya में डॉ. सुरेंद्र सिंह बने छात्र कल्याण अधिष्ठाता
ईरान तनाव के बीच भारत-बांग्लादेश कूटनीति तेज, डोभाल-खलीलुर रहमान की डिनर मीट पर सबकी निगाह
शहर में दो दिन तक मिलेगा जैविक सब्जियों का स्वाद
नामांकन के बाद ममता बनर्जी की हुंकार: बंगाल में SIR पर कानूनी लड़ाई जारी, 91 लाख नाम कटना चिंताजनक
दिल्ली की बल्लेबाजी बनाम गुजरात की मजबूत गेंदबाजी दिलचस्प
स्टे के बावजूद सुनवाई करने वाले जज के आदेश रद्द