तानाशाह किम जोंग उन ने की ट्रंप की मुराद पूरी, दोस्ती करने के लिए रखी कड़ी शर्त
प्योंग यांग। उत्तर कोरियाई तानाशाह किम जोंग उन ने अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप की मुराद सुन ली है। उन्होंने पहली बार संकेत दिए हैं कि वे ट्रंप के साथ दोस्ती करने को तौयार हैं लेकिन इसके लिए उन्होंने कड़ी शर्तें रखी हैं। किम ने साफ कहा है कि अगर अमेरिका को उत्तर कोरिया का दोस्त बनना है तो ये सब उनकी शर्तों पर होगा, यहां पर ट्रंप की दादागीरी नहीं चलेगी। किम ने शर्तिया दोस्ती का हाथ ऐसे समय में बढ़ाया है, जब ट्रंप कुछ महीनों में चीन दौरे पर जाने वाले हैं। नॉर्थ कोरिया के तानाशाह ने अपनी शर्तें गिनाते हुए ट्रंप को ऑफर दिया।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक खूंखार तानाशाह किम जोंग उन से दोस्ती के लिए ट्रंप बेचैन हैं और कई बार उनसे मिलने की इच्छा जता चुके हैं। वहीं, हाल ही में प्योंगयांग में एक समारोह में ट्रंप को गुड न्यूज मिली है। किम जोंग उन ने उनसे दोस्ती का हाथ बढ़ाया है लेकिन उनकी एक शर्त भी है। किम का कहना है कि अमेरिका, उत्तर कोरिया को एक ‘परमाणु शक्ति’ के रूप में स्वीकार करता है और अपनी ‘दुश्मनी वाली नीति’ छोड़ता है, तो उन्हें ट्रंप के साथ हाथ मिलाने में कोई ऐतराज नहीं ।
किम का ये बयान ठीक उस समय आया है जब ट्रंप मार्च के आखिर या अप्रैल की शुरुआत में चीन जाने वाले हैं। कयास लगाए जा रहे हैं कि इस यात्रा में ट्रंप और किम के बीच एक और ‘सुपर समिट’ हो सकती है लेकिन इसमें एक बड़ा ट्विस्ट है, किम ने अपने पड़ोसी दक्षिण कोरिया को ‘धोखेबाज’ करार देते हुए बातचीत के सारे दरवाजे बंद कर दिए हैं, जिससे एशिया में तनाव का एक नया मोर्चा खुल गया है। बता दें अक्टूबर 2025 में एयरफोर्स वन पर ट्रंप ने कहा था, ‘किम के साथ मेरे रिश्ते बेहतरीन रहे हैं और मैं उनसे दोबारा मिलने के लिए 100फीसदी तैयार हूं’। ट्रंप ने पहले ही उत्तर कोरिया को ‘एक तरह की परमाणु शक्ति’ मानकर दशकों पुरानी अमेरिकी नीति को हिला दिया है, जो किम के लिए किसी जीत से कम नहीं है। आखिरी बार दोनों 2019 में मिले थे, जब हनोई समिट बिना किसी नतीजे के खत्म हो गई थी।
विशेषज्ञों का कहना है कि किम जोंग उन अब पहले से कहीं ज्यादा आत्मविश्वास में हैं। ‘उत्तर कोरिया अब अमेरिका के परमाणु निशस्त्रीकरण के दबाव में आने वाला नहीं है’। किम ने अपनी फौज से परमाणु हथियारों का जखीरा और तेजी से बढ़ाने को कहा है। उनका संदेश साफ है कि ‘वे ट्रंप से मिलेंगे तो जरूर, लेकिन एक बराबर की ‘परमाणु शक्ति’ बनकर न कि किसी कमजोर देश की तरह।
एनडीए सरकार बनते ही सोना तस्करी आरोपियों पर सख्ती, दो महीने में जेल: अमित शाह
बंगाल चुनाव से पहले BJP और TMC में टकराव, हेट स्पीच को लेकर दोनों पार्टियां चुनाव आयोग पहुंचीं
राज्यसभा में 19 नए सदस्यों ने ली शपथ, व्हीलचेयर पर पहुंचे शरद पवार
दिल्ली विधानसभा में घुसे उपद्रवी, स्पीकर की कार पर स्याही फेंककर फरार
सोना-चांदी को नहीं छुआ, घर से गायब हुआ ये कीमती सामान; पुलिस भी हैरान
वंदना कॉन्वेंट स्कूल में मधुमक्खियों का हमला, 30 से ज्यादा बच्चे और शिक्षक घायल
सड़क हादसे में 3 महिलाओं की मौत, ग्रामीणों ने टायर जलाकर किया प्रदर्शन
आशीष पांडेय बनकर आसिफ ने इंजीनियरिंग छात्रा के साथ किया दुष्कर्म
Ravichandran Ashwin का बड़ा खुलासा, चेन्नई में ऐसा क्या हुआ कि छोड़ना पड़ा IPL?
Madhya Pradesh में बसों में पैनिक बटन और VLTD अनिवार्य, नहीं लगाने पर परमिट रद्द