07 या 08 दिसंबर कब मनाई जाएगी संकष्टी चतुर्थी? उज्जैन के आचार्य से जानें सही तिथि और गजानन को प्रसन्न करने के उपाय
हिंदू धर्म में हर तिथि हर वार का अत्यधिक महत्व शास्त्रों में बताया गया है. इन्हीं तिथियों में से पौष माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि का खास महत्व है. क्योंकि इस दिन संकष्टी चतुर्थी का व्रत रखा जाता है. भगवान गणेश को प्रथम पूज्य देवता का दर्जा प्राप्त है. इसलिए हर एक माह की चतुर्थी तिथि भगवान गणेश को समर्पित होती है.
मान्यता है कि यह व्रत दुखों और संकटों को दूर करने वाला माना जाता है. मान्यता है कि इस दिन विधि-विधान से गणेश जी की पूजा करने से भक्तों के जीवन से सभी बाधाएं दूर होती हैं और सुख-सौभाग्य की प्राप्ति होती है. आइए उज्जैन के आचार्य आनंद भारद्वाज से जानते हैं कि साल 2025 की आख़री दिसम्बर माह की संकष्टी चतुर्थी कब है, शुभ मुहूर्त और पूजा विधि क्या है.
पंचांग के अनुसार पौष माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि 7 दिसंबर 2025 को शाम 6.24 मिनट पर शुरू होगी और अगले दिन 8 दिसंबर 2025 को शाम 4.03 पर इसका समापन होगा. वहीं आपको बता दें, गणाधिप संकष्टी चतुर्थी पर चंद्र दर्शन करने का विधान है. इसके लिए 7 नवंबर को गणाधिप संकष्टी चतुर्थी मनाई जाएगी. इस दिन चंद्र दर्शन का समय संध्याकाल 7 बजकर 55 मिनट पर है.
चंद्र दोष मिलती है मुक्ति?
इस दिन भगवान गणेश की पूजा करने से साधक की हर मनोकामना पूरी होगी. इसके साथ ही सुख और सौभाग्य में वृद्धि होती है. साथ ही जिन लोगों की कुंडली में चंद्र दोष है, उनका चंद्र दोष दूर होता है. इसलिए इस दिन व्रत रखने का विशेष महत्व शास्त्रों मे बताया गया है.
जरूर करें यह उपाय बनेंगे बिगड़े काम
संकष्ठी चतुर्थी के दिन भगवान गणेश की विधि विधान से पूजा करें. इसके बाद मोदक और दूर्वा अर्पित करें. इसके बाद गणेश चालीसा का पाठ करने के साथ मंत्रों का जाप करें. मान्यता है कि ऐसा करने से व्यक्ति पर भगवान गणेश की कृपा होती है. इसके अलावा कुंड़ली में बुध ग्रह मजबूत होता है और भगवान गणेश सभी कस्टो को हरते हैं.
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