भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर ने रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से मुलाकात की
नई दिल्ली । भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर ने रूस दौरे के समय मॉस्को में रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से मुलाकात की। इसके बाद बुधवार को उन्होंने रूस के प्रथम उप प्रधानमंत्री डेनिस मंटुरोव से मुलाकात की। दोनों नेताओं ने अगले महीने नई दिल्ली में होने वाले वार्षिक भारत-रूस लीडर्स समिट की तैयारियों की समीक्षा की।
दोनों नेताओं की मुलाकात की तस्वीर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर साझा कर विदेश मंत्री जयशंकर ने लिखा, “आज सुबह मॉस्को में प्रथम उप-प्रधानमंत्री डेनिस मंटुरोव से मिलकर खुशी हुई। अगस्त 2025 में 26वें आईआरआईजीसी-टीईसी के लिए हमारी पिछली बैठक के बाद से हुई प्रगति का जायजा लिया। अगले महीने नई दिल्ली में होने वाले वार्षिक भारत-रूस लीडर्स समिट की तैयारियों की समीक्षा की।”
रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के 23वें भारत-रूस वार्षिक शिखर सम्मेलन के लिए दिसंबर में भारत आने की उम्मीद है। इसे लेकर क्रेमलिन की ओर से तैयारी भी शुरू हो चुकी है। इसकी जानकारी खुद क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेस्कोव ने दी। उन्होंने पिछली बार दिसंबर 2021 में इस शिखर सम्मेलन के 21वें संस्करण में भाग लेने के लिए भारत का दौरा किया था।
विदेश मंत्री जयशंकर ने मॉस्को में पुतिन से मुलाकात की और उन्हें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से शुभकामनाएं दीं। बैठक के दौरान, विदेश मंत्री जयशंकर ने राष्ट्रपति पुतिन को वार्षिक भारत-रूस शिखर सम्मेलन की तैयारियों के बारे में अपडेट दिया।
सुशासन तिहार में सुलझी किसान की समस्या
उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा, वन मंत्री केदार कश्यप एवं सांसद संतोष पाण्डेय ने भोरमदेव मंदिर में की पूजा-अर्चना
स्वच्छता, स्वास्थ्य और जनसुविधा से जुड़ी समस्याओं में कोताही बर्दाश्त नहीं करेंगे : ऊर्जा मंत्री तोमर
मध्यप्रदेश पुलिस की अवैध शराब के विरुद्ध प्रभावी कार्यवाही
राज्यपाल रमेन डेका ने जल संरक्षण और जनकल्याण पर दिया जोर
गोद में उठाया, चश्मा पहनाया : भैंसामुड़ा में दिखा मुख्यमंत्री का आत्मीय रूप
एमपी ट्रांसको ने जुलवानिया सब स्टेशन में ऊजीकृत किया 40 एमवीए क्षमता का ट्रांसफार्मर : ऊर्जा मंत्री तोमर
नये मध्यप्रदेश का मार्वलस माइलस्टोन साबित होगा इन्दौर-पीथमपुर इकोनॉमिक कॉरिडोर: मुख्यमंत्री डॉ. यादव
स्वरोजगार की राह पर बढ़ते कदम: मुख्यमंत्री ने RSETI में देखा ग्रामीण सशक्तिकरण का मॉडल