आसमान के हाथी से कांप रहे रूस और चीन, 600 किमी रेंज में कर लेता है टारगेट
वॉशिंगटन। अमेरिकी कांग्रेस ने वॉर-रूम जैसा संदेश देकर ई-7 वेडगेटेल प्रोग्राम को किसी भी कीमत पर जारी रखने का आदेश थोप दिया है। अमेरिकी वायुसेना की रीढ़ बनने वाले ई-7 वेडगेटेल को बचाने की जंग अब खुलेआम राजनीतिक भिड़ंत में बदल चुकी है और इस बार कांग्रेस ने ऐसा प्रहार किया है जिसने पेंटागन की योजनाओं को हिला दिया। इसकी मारक क्षमता दुश्मन की पूरी वायु रणनीति को ध्वस्त कर देती है। ई-7 वेडगेटेल कोई साधारण हथियार प्रणाली नहीं, बल्कि आसमान में उड़ता हुआ कमांड सेंटर है। इसे आसमान का ‘हाथी’ कहें, तो इसमें कुछ गलत नहीं होगा क्योंकि जिस तरह से जंगल में हाथी के सामने कोई नहीं टिकता। ठीक उसी तरह से आसमानी जंग में भी ई-7 वेडगेटेल के सामने कोई आने की हिम्मत नहीं करता। आधुनिक युद्ध में सूचना ही असली हथियार है और वेडगेटेल यही हथियार दुश्मन के सिर पर गिराता है।
पेंटागन पहले 2026 के बजट में ई-7 प्रोग्राम को खत्म करने की तैयारी कर चुका था। लेकिन यह कदम इतने भारी प्रतिरोध के सामने आ गया कि 19 शीर्ष जनरल, जिनमें छह पूर्व एयर फ़ोर्स चीफ़ ऑफ़ स्टाफ शामिल हैं, ने सीधे सांसदों को चिट्ठी ठोक दी। यह कदम रक्षा इतिहास में लगभग विद्रोह जैसा माना जा रहा है।अब सीनेट ने इस विद्रोही चेतावनी को हथियार बनाते हुए एक बेहद आक्रामक विधायी निर्देश जारी किया है कि वायुसेना को 199.6 मिलियन डॉलर आरडीटी एंड ई फंड “फुल थ्रस्ट” पर खर्च करने होंगे। यानी ई-7 वेडगेटेल की तेज़ रफ्तार प्रोटोटाइपिंग किसी भी हाल में नहीं रुकेगी। 2025 के बचे हुए ई-7 प्रोक्योरमेंट फंड भी जबरन शिफ्ट किए जाएंगे और वो भी बिना किसी बहाने के। सीधे शब्दों में कहा जाए तो अमेरिकी कांग्रेस ने पेंटागन को साफ बता दिया है कि ई-7 वेडगेटेल को मारने की इजाज़त किसी कीमत पर नहीं मिलेगी। निचोड़ यह है कि अमेरिका में अब रक्षा राजनीति सिर्फ नीति नहीं, बल्कि शक्तिशाली सिस्टमों की जिंदगी और मौत की लड़ाई बन चुकी है। ई-7 वेडगेटेल इस लड़ाई का नया युद्धक्षेत्र है और कांग्रेस ने वायुसेना को सख्त आदेश दे दिया है कि ई-7 वेडगेटेल उड़ना चाहिए और उड़कर ही रहेगा।
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