एकता दिवस 2025: सरदार पटेल की 150वीं जयंती पर राष्ट्रपति और पीएम मोदी ने दी श्रद्धांजलि
गांधीनगर: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज गुजरात के एकतानगर में सरदार वल्लभभाई पटेल की 150वीं जयंती के अवसर पर राष्ट्रीय एकता दिवस कार्यक्रम में शामिल होंगे. इसके साथ ही, स्टैच्यू ऑफ यूनिटी में 1 से 15 नवंबर तक भारत पर्व 2025 का आयोजन भी किया जाएगा. भारत पर्व के दौरान, भारत की समृद्ध विरासत और विविधता में एकता की भावना को प्रदर्शित करने के लिए विभिन्न सांस्कृतिक और देशभक्ति कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे. बता दें, ऐसा पहली बार हो रहा है कि भारत पर्व दिल्ली से बाहर गुजरात के एकता नगर में आयोजित किया जा रहा है. भारत पर्व एक वार्षिक आयोजन है जो भारत की सांस्कृतिक समृद्धि, पारंपरिक व्यंजनों और कलात्मक प्रतिभा को प्रदर्शित करता है, साथ ही राष्ट्रीय एकता और गौरव की भावना को बढ़ावा देता है. इस वर्ष, सरदार वल्लभभाई पटेल की 150वीं जयंती के अवसर पर, यह आयोजन स्टैच्यू ऑफ यूनिटी में आयोजित किया जाएगा, जो भारत की एकता, विविधता और शक्ति के एक भव्य उत्सव के रूप में कार्य करेगा. विभिन्न राज्य और केंद्र सरकारों के जनप्रतिनिधि, प्रख्यात कलाकार, कारीगर और विशिष्ट अतिथि, इस 15 दिवसीय उत्सव में शामिल होंगे. फूलों की घाटी के डैम व्यू पॉइंट 1 पर हर शाम दो राज्यों (जोड़ियों में) द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए जाएंगे, जिनमें उनकी अनूठी परंपराओं और कलाओं का प्रदर्शन होगा. 15 नवंबर को भगवान बिरसा मुंडा जयंती के उपलक्ष्य में एक विशेष प्रस्तुति होगी. स्टैच्यू ऑफ यूनिटी के जंगल सफारी के पास विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के व्यंजन परोसने वाले 45 फूड स्टॉल और एक लाइव स्टूडियो किचन है. स्टैच्यू ऑफ यूनिटी के जंगल सफारी के पास भारत भर के पारंपरिक और समकालीन शिल्पों को प्रदर्शित करने वाले 55 हस्तशिल्प स्टॉल हैं. स्टैच्यू ऑफ यूनिटी के जंगल सफारी के पास प्रमुख पर्यटन स्थलों और सांस्कृतिक विशेषताओं को दर्शाने वाले राज्य मंडप भी हैं.
पीएम मोदी ने शेयर किया पोस्ट
राष्ट्रीय एकता दिवस पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्वीट करते हुए लिखा कि भारत सरदार वल्लभभाई पटेल को उनकी 150वीं जयंती पर श्रद्धांजलि अर्पित करता है. वे भारत के एकीकरण के पीछे प्रेरक शक्ति थे, इस प्रकार उन्होंने अपने प्रारंभिक वर्षों में हमारे राष्ट्र के भाग्य को आकार दिया. राष्ट्रीय अखंडता, सुशासन और जनसेवा के प्रति उनकी अटूट प्रतिबद्धता पीढ़ियों को प्रेरित करती रहेगी. हम एकजुट, मजबूत और आत्मनिर्भर भारत के उनके दृष्टिकोण को बनाए रखने के अपने सामूहिक संकल्प की भी पुष्टि करते हैं.
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