घर में नहीं हो रही तरक्की? देवउथान एकादशी पर करें ये उपाय, खुल जाएगी किस्मत
वैसे तो साल भर में कई एकादशी का व्रत आता है और सभी का खास महत्व होता है. वर्तमान में कार्तिक महीना चल रहा है और इस महीने के शुक्ल पक्ष की एकादशी का विशेष महत्व है. इसे देवउठनी एकादशी कहा जाता है. इस दिन भगवान विष्णु चार महीने बाद योग निद्रा से जागते हैं और सभी मांगलिक कार्यों की शुरुआत होती है. भगवान विष्णु के जागने पर विशेष पूजा-अर्चना की जाती है. यदि इस दिन कुछ विशेष उपाय किए जाएं, तो जीवन की सभी मनोकामनाएं पूर्ण हो सकती हैं और घर में सुख-समृद्धि की वृद्धि होती है. इन उपायों के बारे में बैद्यनाथ मंदिर के तीर्थपुरोहित से जानें.
क्या कहते हैं बैद्यनाथ मंदिर के तीर्थपुरोहित
देवघर के बैद्यनाथ मंदिर के प्रसिद्ध तीर्थपुरोहित प्रमोद श्रृंगारी ने लोकल 18 के संवाददाता से बातचीत में बताया कि बैद्यनाथ पंचांग के अनुसार, कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि को यह व्रत रखा जाता है. इसे देवोत्थान एकादशी या प्रबोधिनी एकादशी के नाम से भी जाना जाता है. इस वर्ष देवउठनी एकादशी 1 नवंबर 2025, शनिवार को मनाई जाएगी. शास्त्रों के अनुसार इस दिन भगवान श्री हरि विष्णु चार महीनों की योग निद्रा से जागते हैं और सृष्टि के संचालन का कार्य पुनः संभालते हैं. इस दिन कुछ उपाय अवश्य करने चाहिए.
देवउठनी एकादशी के दिन क्या उपाय करने चाहिए
बैद्यनाथ मंदिर के तीर्थपुरोहित प्रमोद श्रृंगारी बताते हैं कि इस दिन लक्ष्मी नारायण की पूजा-अर्चना अवश्य करनी चाहिए. पूजा में दूध से बनी वस्तु भगवान विष्णु को अर्पित करनी चाहिए. इसके साथ ही तुलसी दल अर्पित करने से घर में सुख-समृद्धि की वृद्धि होती है. यदि इस दिन तुलसी के पौधे में कलावा बांधते हैं, तो हर मुसीबत से छुटकारा मिलेगा और सारे ग्रह दोष से मुक्ति मिलेगी.
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