इन जगहों पर अचानक 1 घंटा छोटा हो जाएगा दिन, घूम जाएगा लोगों का दिमाग
वॉशिंगटन । इस साल अक्टूबर महीना जियो पॉलिटिक्स के लिए बेहद अहम रहा, महीना खत्म होते-होते दुनिया भर के टॉप लीडर्स के बीच अहम बैठक होने वाली हैं। कई लोगों को लग सकता है कि कोई कॉन्फ्रेंस कॉल मिस गई या अचानक टाइम कहीं फिसल गया। ऐसा इसलिए होने वाला है क्योंकि एक बार फिर से वहीं अजीब वक्त आ गया है जब यूरोप और संयुक्त राज्य अमेरिका आउट ऑफ सिंक हो जाएंगे क्योंकि डे-लाइट सेविंग टाइम से स्टैंडर्ड टाइम पर स्विच होगा।
सभी देश लाइट सेविंग टाइम के हिसाब से नहीं चलते लेकिन यूरोप और उत्तरी अमेरिका में इसका पालन किया जाता है। इन देशों के लिए घड़ी बदलने की तारीख अलग-अलग होती है, ऐसा इसलिए होता है क्योंकि टाइम से जुड़े नियम अलग-अलग जगहों पर दूसरी तरह से बनाए गए थे।
कैसा दिखेगा टाइम डिफरेंस?
जिन देशों में इसका पालन किया जाता है, वहां उत्तरी गोलार्ध में गर्मियों में दिन के उजाले के घंटों में वृद्धि का अधिकतम लाभ उठाने के लिए मार्च में घड़ियों को मानक समय से एक घंटा आगे किया है। सर्दियों का मौसम आते ही घड़ियां फिर से मानक समय पर आ जाती हैं। यूके और यूरोप में, यह अक्टूबर के आखिरी रविवार को सुबह 2 बजे होता है लेकिन अमेरिका और कनाडा में, नवंबर के पहले रविवार को सुबह 2 बजे घड़ियां एक घंटा पीछे हो जाती हैं।
इस बीच के सप्ताह का मतलब है कि अटलांटिक के दोनों किनारों के बीच उदाहरण के लिए लंदन और न्यूयॉर्क के बीच – समय का अंतर सामान्य से एक घंटा कम है, जिससे जूम कॉल या अन्य बैठकों को मैनेज करने में गड़बड़ी की स्थित हो सकती है।
LPG सिलेंडर महंगा, आम आदमी की रसोई पर बढ़ा बोझ
नोएडा में धारा 163 लागू, ड्रोन और CCTV से कड़ी निगरानी क्यों?
भवानीपुर स्ट्रॉन्ग रूम में 4 घंटे रहीं ममता बनर्जी, EVM सुरक्षा पर सियासी घमासान
तुलसी और गौमाता: आरोग्य प्राप्ति के दो दिव्य स्तंभ, जानें कैसे दूर रहेंगे रोग?
यंत्रों की रहस्यमयी शक्ति: जानें कैसे ज्यामितीय आकृतियां बदल सकती हैं आपकी किस्मत?
हथेली में छिपा है आपके जीवन का नक्शा: जानें रेखाओं और बनावट का दिलचस्प संकेत
अतिथि सत्कार की पहली कड़ी: मेहमान को पानी पिलाने के पीछे छिपे हैं ये 3 बड़े रहस्य
राशिफल 01 मई 2026: जानिए आज का दिन आपके लिए कैसा रहेगा
1 मई अंतर्राष्ट्रीय श्रमिक दिवस पर विशेष : हर हाथ को काम, हर श्रमिक को सम्मान: विष्णु देव सरकार की प्रतिबद्धता
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गेहूँ उपार्जन केन्द्रों का किया आकस्मिक निरीक्षण