कार्तिक माह में ये 2 पौधे बना सकते हैं करोड़पति, उज्जैन के आचार्य ने बताया सफलता का राज
हर तिथि और हर वार के साथ-साथ माह का भी विशेष महत्व शास्त्रों में बताया गया है. इन्हीं माह में से कार्तिक महीने को पुराणों में सर्वश्रेष्ठ मास कहा जाता है. कार्तिक मास 8 अक्टूबर से शुरू हुआ और इसका समापन 5 नवंबर को होगा. इस मास में राधा-दामोदर पूजन, शालिग्राम पूजन और विष्णु पूजन का विशेष महत्व है. मान्यता है कि इस महीने सूर्य और चंद्रमा की किरणों का पृथ्वी पर पड़ने वाला प्रभाव मनुष्य के मन-मस्तिष्क को स्वस्थ रखता है. इस महीने में इंसान अपने सभी पापों का नाश कर सभी संकटों को दूर कर सकता है. यही नहीं, कुछ कर्मों को कर धन, सुख, समृद्धि, शांति और निरोगी जीवन को भी प्राप्त किया जा सकता है. पौधों की सेवा मात्र से आप ये सबकुछ पा सकते हैं. तो आइए उज्जैन के आचार्य आनंद भारद्वाज से जानते हैं कि इस महीने कौन से पौधों की सेवा करनी चाहिए.
हर दिन तुलसी जी की पूजा करने का विशेष महत्व है. सुबह स्नान के बाद तुलसी के पौधे के पास दीप जलाएं और जल अर्पित करें. तुलसी पर लाल या पीला वस्त्र चढ़ाकर तुलसी मंत्र का जाप करें. ‘ॐ तुलस्यै नमः’ मंत्र है. इसके बाद तुलसी पर चंदन, फूल और धूप अर्पित करें. ऐसा करने से घर में सकारात्मक ऊर्जा बनी रहती है और पारिवारिक जीवन में शांति आती है, साथ ही मां लक्ष्मी की विशेष कृपा से धन-धान्य में वृद्धि होती है.
आंवले के पेड़ की करें पूजा
आचार्य आनंद भारद्वाज ने दूसरे पौधे के बारे में बताते हुए कहा कि कार्तिक पूर्णिमा के दिन आंवले के पेड़ की पूजा करना शुभ माना गया है. इस दिन आंवले के वृक्ष के नीचे दीपक जलाकर, जल अर्पित करें और भगवान विष्णु का स्मरण करें. कुछ लोग इस दिन आंवले के पेड़ की परिक्रमा भी करते हैं. मान्यता है कि आंवले की पूजा करने से शरीर में रोगों से रक्षा होती है और मानसिक शांति प्राप्त होती है.
कार्तिक मास के नियम?
इस महीने तामसिक भोजन से परहेज करना चाहिए. अपशब्द नहीं बोलने चाहिए और गलत व्यवहार से बचना चाहिए. तन और मन की स्वच्छता बनाए रखना जरूरी है. इसके साथ ही किसी भी प्रकार के पशु-पक्षी को नुकसान पहुंचाने से भी बचना चाहिए. इस माह में संयम और साधना का विशेष महत्व है, जो जीवन को पवित्रता और शांति प्रदान करती है.
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