अपनी ही सरकार के विरोध में पंकजा मुंजे, बोंली- ओबीसी जाति से छीनकर नहीं दिया जाना चाहिए मराठा आरक्षण
नई दिल्ली । महाराष्ट्र सरकार (Maharashtra government) में मंत्री पंकजा मुंडे (Minister Pankaja Munde) मराठा आरक्षण (Maratha reservation) को लेकर अपनी ही सरकार के खिलाफ विरोध दर्ज करवाती नजर आ रही हैं। गुरुवार को उन्होंने मराठों को सरकारी नौकरियों और एडमिशन के समय दिए जाने वाले आरक्षण का समर्थन किया। हालांकि उन्होंने कहा कि मराठों को यह आरक्षण ओबीसी जाति (OBC caste) से छीनकर नहीं दिया जाना चाहिए, क्योंकि इस समुदाय के लोग पहले से ही भूख से जूझ रहे हैं।
बीड़ जिले के सावरगांव घाट में दशहरा के अवसर पर आयोजित एक रैली को संबोधित करते हुए पंकजा ने कहा कि लोगों को जातिवाद के राक्षस को नष्ट करने की जरूरत है। उन्होंने कहा, “गोपीनाथ मुंडे ने मराठा आरक्षण का समर्थन किया था और हम भी इसके पक्ष में हैं लेकिन इसे हमारी थाली से मत छीनिए। मेरा समुदाय आज भी भूख से जूझ रहा है। लोगों का संघर्ष देखने के बाद मेरी नींद उड़ गई है।” उन्होंने कहा, “मैंने कभी भी उन लोगों की जाति पर ध्यान नहीं दिया, जिनके लिए मैंने चुनाव प्रचार किया। मैंने इसे नजर अंदाज किया और हमेशा मानवता को महत्व दिया।”
आपको बता दें मराठा आरक्षण कार्यकर्ता मनोज जरांगे के मुंबई में 29 अगस्त से पांच दिन तक अनशन करने के बाद महाराष्ट्र सरकार ने दो सितंबर को एक सरकारी आदेश जारी किया गया था। इसके तहत मराठा समुदाय के पात्र सदस्य कुनबी जाति प्रमाण पत्र के लिए आवेदन कर सकेंगे। इससे प्रमाण पत्र जारी होने के बाद उक्त सदस्य ओबीसी श्रेणी के तहत आरक्षण का दावा कर पाएंगे। हालांकि, इसे लेकर ओबीसी समुदाय के सदस्यों में नाराजगी फैल गई है, जो मराठों को ओबीसी श्रेणी में शामिल किए जाने का विरोध कर रहे हैं।
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