श्राद्ध में तोरई की सब्जी बनाने में बरतें सावधानी, इन 2 चीजों से बिगड़ सकता है स्वाद – सात्विक रेसिपी जानें
भारत में धार्मिक मान्यता है कि पितृपक्ष में पूर्वजों की आत्मा पृथ्वीलोक पर आती है ताकि उनके वंश उन्हें तृप्त कर सकें। तभी पिंडदान, श्राद्ध और ब्राह्मण को भाज कराना शुभ माना जाता है। इस दौरान सात्विक भोजन बनता है। जिसमें कद्दू और तोरई की सब्जी भी शामिल है। वैसे तो तोरई की सब्जी हर मौसम में बनाई जाती रहती है। तोरई को भरवां से लेकर मसाले वाली तक अलग-अलग तरह से बनाया जाता है। लेकिन श्राद्ध के दौरान बनने वाली इस सब्जी में खास बातों का ध्यान रखा जाता है। अक्सर लोग सब्जी को ग्रेवी वाली बनाने के चक्कर में कुछ गलती कर देते हैं। ऐसे में पहाड़ी चटकारा यूट्यूब चैनल सात्विक और स्वादिष्ट तोरई की सब्जी बनाने का तरीका शेयर किया गया है।
सबसे पहले जानें क्या है गलती
अक्सर लोग ग्रेवी को गाढ़ा बनाने के लिए लहसुन और प्याज का पेस्ट डाल देते हैं। जबकि इन दोनों को सात्विक भोजन की सूची में शामिल नहीं किया जाता है। आयुर्वेद के अनुसार, लहसुन उष्ण, तीक्ष्ण और तेज गंध वाला होता है, जो रक्त को गर्म करता है और उत्तेजना बढ़ाता है। जबकि प्याज भारी, कफवर्धक और मन को चंचल करने वाला होता है। इसलिए इन दोनों को तामसिक माना जाता है, जो श्राद्ध के लिए बनने वाली सब्जी में नहीं डालते हैं।
सात्विक तोरई की सब्जी के लिए सामान
- तोरई
- सरसों का तेल
- एक चम्मच जीरा
- जीरा और धनिया का पाउडर
- हल्दी पाउडर
- लाल मिर्च पाउडर
- स्वादानुसार नमक
कैसे बनाएं सब्जी
अब एक कड़ाही को गैस पर गर्म होने के लिए रखें और उसमें तेल डालें। आप चाहें तो घी का इस्तेमाल कर सकते हैं। घी या तेल गर्म होने के जीरा डालें, उसके बाद तोरई डालकर अच्छी तरह मिला दे। अब मसाले के तौर पर जीरा और धनिया पाउडर, हल्दी, लाल मिर्च पाउडर और स्वादानुसार नमक डालकर अच्छी तरह डालें।
पकाने का सही तरीका
सभी चीजें मिलाने के बाद 5 से 7 मिनट तक ढककर पका लीजिए। ध्यान रहे कि तोरई में पानी डालने की गलती ना करें, क्योंकि तोरई और कद्दू जैसी सब्जी में प्राकृतिक रूप से पानी होता है अब अगर आप अलग से भी पानी डाल देंगे तो सब्जी का पूरा स्वाद बेकार हो जाएगा। वहीं तय समय तोरई पक चुकी हो तो गैस बंद करें।
आखिरी काम
अब सब्जी को कितना गाढ़ा बनाना चाहते हैं ये आपकी पसंद पर निर्भर करता है। तो अगर आपको लगता है कि पानी ज्यादा दिख रहा है तो थोड़ी देर और पका सकते हैं। इससे पानी की मात्रा कम हो जाएगी। आखिरी में धनियां की पत्तियों को काटकर डाल दें। इससे सूरज और फ्लेवर दोनों ही बढ़ जाएंगे।
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