शिक्षक दिवस पर सलाम: रिटायर्ड फौजी बने गुरुजी, गांव में बांट रहे ज्ञान की रोशनी
धमतरी: शिक्षक दिवस के मौके पर धमतरी जिले का बोड़रा गांव चर्चा में है। यहां एक रिटायर्ड फौजी अपने गांव के बच्चों का भविष्य संवारने में जुटे हैं। सेना में 13 साल तक देश की रक्षा करने वाले गौकरण कश्यप अब पिछले 14 साल से सरकारी स्कूल में बच्चों को नि:शुल्क संस्कृत पढ़ा रहे हैं।
बच्चों के साथ पेड़-पौधों की भी करते हैं सेवा
गौकरण कश्यप सिर्फ पढ़ाई ही नहीं कराते, बल्कि स्कूल परिसर में लगे पेड़-पौधों की देखभाल भी करते हैं। गर्मी में पानी देना, खाद डालना और बगीचे को संवारना उनका रोज़ का काम है। वे कहते हैं— “मेरे लिए स्कूल के बच्चे और यहां के पेड़-पौधे दोनों ही मेरे परिवार जैसे हैं।”
समर्पण से प्रभावित गांव और शिक्षक
स्कूल के प्रिंसिपल महेंद्र बोर्झा का कहना है कि गौकरण कश्यप का योगदान शिक्षा से लेकर गार्डनिंग तक अमूल्य है। सरपंच शत्रुघ्न नाग और शाला प्रबंधन समिति की अध्यक्ष कलेश्वरी कश्यप ने भी उनके समर्पण को गांव की शान बताया।
अविवाहित रहकर समर्पित जीवन
गौकरण कश्यप अविवाहित हैं और गांव के बच्चों को ही अपना परिवार मानते हैं। उनका कहना है कि उन्होंने शुरू से तय किया था कि पढ़ाने के लिए कोई पारिश्रमिक नहीं लेंगे।
प्रशासन ने भी सराहा
धमतरी कलेक्टर अबिनाश मिश्रा ने भी उनके सेवाभाव की तारीफ की और कहा कि उन्हें सम्मानित करने के प्रयास किए जाएंगे।
गांव के लोग मानते हैं कि सेना की अनुशासन और सेवा भावना ने गौकरण कश्यप को आदर्श शिक्षक बना दिया है। अब उनका सपना है कि गांव के बच्चे आगे बढ़कर देश का नाम रोशन करें।
जूनागढ़ में बस पलटी, दो की मौत और 15 घायल; बड़ी दुर्घटना से हड़कंप
कपिल सिब्बल का बयान: मतगणना केंद्रों पर राज्य सरकार के कर्मचारी जरूरी
Mamata Banerjee का दावा: बंगाल में फिर बनेगी TMC सरकार
ईरान-यूएस तनाव के बीच फंसा सुपरटैंकर, रणनीतिक हलचल तेज
सम्राट चौधरी का दिल्ली दौरा, कैबिनेट विस्तार की अटकलें तेज
ईरान की कड़ी चेतावनी, अमेरिका की किसी भी कार्रवाई का जवाब देने की बात