शादी की खुशियां बदलीं ग़म में, पश्चिम बंगाल से आए परिवार की मौत
पीलीभीत: जिंदगी कभी ऐसे मोड़ पर लाकर खड़ा कर देती है, जहां खुशियों की दहलीज पर गम का पहाड़ टूट पड़ता है। पीलीभीत के जहानाबाद क्षेत्र में शनिवार को हरिद्वार नेशनल हाईवे पर हुआ दर्दनाक हादसा एक ऐसे ही परिवार के लिए काल बन गया। अमरिया क्षेत्र के तुरकुनिया गांव में इमरान की बहन की शादी की तैयारियां पूरे शबाब पर थीं, लेकिन हादसे के बाद अब उसी घर के आंगन में तीन लोगों के शव पहुंचने से मातम पसरा हुआ है।
पश्चिम बंगाल के मदनापुर निवासी जहांगीर (40 वर्ष) अपने परिवार के साथ इमरान के घर शादी की खुशियों में शामिल होने आ रहे थे। पत्नी फरीदा और 10 वर्षीय मासूम बेटे जानेसार के साथ वह हंसी-खुशी सफर पर निकले थे, लेकिन किसे मालूम था कि घर से महज 10 किलोमीटर पहले हुई दुर्घटना उनकी जिंदगी की अंतिम यात्रा बन जाएगी।
हादसे में पहले फरीदा और मासूम बेटे जानेसार की जान गई। इलाज के दौरान रविवार को जहांगीर ने भी दम तोड़ दिया। जिस घर में बरात की तैयारियां हो रहीं थीं, वहां अब सिसकियों और चीखें सुनाई दे रहीं हैं। शादी वाले आंगन में जहां फूलों और रोशनी से सजावट की जानी थी, वहीं तीन जनाजे रखे देख हर आंख नम दिखी।
आसपास गांव से पहुंचे लोग, हर आंख हुई नम
भीषण हादसे में मां-बेटे के साथ पिता के भी दुनिया से चले जाने की खबर फैलते ही तिरकुनिया नसीर गांव स्थित इमरान के घर पर लोगों की भीड़ जुटने लगी। गांव के अलावा आसपास गांवों से भी बड़ी संख्या में लोग वहां पहुंचे। एक साथ तीनों के शवों को रखा देख हर आंख नम हो गई। घर में चीख पुकार की गूंज हर ओर सुनाई दे रही थी। गांव की गलियों में सन्नाटा पसरा रहा।
शादी के आयोजन को लेकर संशय
इमरान की बहन की सोमवार को शादी होनी थी। इस बीच भीषण हादसे में परिवार के तीन निकट रिश्तेदारों की मौत से तैयारियां थमने के साथ ही खुशियां मातम में बदल गईं हैं। सोमवार को आने वाली बरात को लेकर भी अटकलें लगाई जाने लगी हैं। शादी के आयोजन को लेकर संशय है।
परिजनों के अनुसार, बड़ा आयोजन तो टल ही गया लगता है। घर में तीन शव रखे होने से चीख पुकार का माहौल है। ऐसे में अभी कुछ स्पष्ट नहीं। वहीं तीनों के शवों को लेने के लिए मृतकों के परिजनों के देर रात तक तिरकुनिया गांव पहुंचने की बात कही जा रही है।
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