कश्मीर तक जाने वाले वैकल्पिक राष्ट्रीय राजमार्ग के निर्माण में बाधा, क्या है सुरंग परियोजना से इसका कनेक्शन?
जम्मू: उधमपुर जिले के सुधमहादेव और डोडा जिले के मरमत क्षेत्र के बीच दो स्वीकृत सुरंगों के निर्माण की प्रक्रिया अभी तक शुरू नहीं हुई है. इस वजह से चेनानी-डोडा-किश्तवाड़-अनंतनाग के रास्ते कश्मीर तक जाने वाले वैकल्पिक राष्ट्रीय राजमार्ग के निर्माण में बाधा उत्पन्न हो गई है.
इससे पहले भी टेंडर जारी की गई थीं. उसमें अजरबैजान की एक कंपनी ने अंतरराष्ट्रीय बोली जीती थी. हालांकि, बाद में जब भारत सरकार ने कंपनी को मंजूरी देने से इनकार कर दिया, तो टेंडर प्रोसेस स्थगित कर दी गई. उसके बाद से कोई नई प्रक्रिया शुरू नहीं की गई.
नेशनल हाइवे इन्फ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कारपोरेशन लिमिटेड (एनएचआईडीसीएल) के अधिकारियों ने ईटीवी भारत को बताया कि लगभग दो साल पहले दो सुरंगों की 2500 करोड़ रुपये की परियोजना की टेंडर प्रक्रिया शुरू की गई थी. यहां तक कि बोली भी अजरबैजान की एक कंपनी ने जीती थी, लेकिन गृह मंत्रालय ने कंपनी को मंजूरी नहीं दी थी. जिसके बाद एनएचआईडीसीएल को प्रक्रिया को रोकना पड़ा था.
एक अधिकारी ने कहा, कंपनी को मंजूरी नहीं मिलने के बाद से से यह प्रक्रिया ठंडे बस्ते में पड़ी है और उच्च अधिकारियों की ओर से इसे फिर से शुरू करने के लिए कोई सूचना नहीं मिली है. परियोजना की लागत बढ़कर 3490 करोड़ रुपये हो गई है, जिसके लिए भारत सरकार के वित्त मंत्रालय से अनुमोदन की आवश्यकता है."
उन्होंने कहा कि एनएचआईडीसीएल वित्त मंत्रालय से सूचना का इंतजार कर रहा है. जैसे ही मंत्रालय से हरी झंडी मिलेगी, दोबारा टेंडर जारी की जाएंगी. अधिकारी ने आगे कहा कि, हाल ही में टॉप स्तर से कुछ सकारात्मक संकेत मिले हैं. ऐसे में उम्मीद है कि एक-दो महीने में प्रक्रिया फिर से शुरू हो जाएगी और अगले साल की शुरुआत तक वास्तविक निर्माण कार्य शुरू हो सकेगा.
इन दोनों सुरंगों की कुल लंबाई लगभग 7.5 किलोमीटर होगी. पहली सुरंग 2.5 किलोमीटर लंबी होगी और फिर 100 मीटर लंबी सड़क और दूसरी पांच किलोमीटर लंबी सुरंग, जो डोडा के मरमत इलाके को उधमपुर जिले के सुधमहादेव इलाके से जोड़ेगी.
चेनानी-डोडा-किश्तवाड़-अनंतनाग मार्ग जम्मू से कश्मीर जाने वाला वैकल्पिक राष्ट्रीय राजमार्ग होगा. यह डोडा और किश्तवाड़ जिलों को जम्मू और श्रीनगर, दोनों राजधानी शहरों से बेहतर सड़क संपर्क प्रदान करेगा. इससे मौजूदा जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग (NH-44) पर भीड़भाड़ भी कम होगी और रणनीतिक रूप से भी यह मार्ग सुरक्षा बलों को NH44 पर यातायात बाधित किए बिना कश्मीर घाटी तक पहुंचने के लिए सुरक्षित मार्ग प्रदान करेगा.
उधमपुर जिले में चेनानी से सुधमहादेव तक, डोडा जिले में मरमत से खेलनी और पुल-डोडा से थाथरी तक, किश्तवाड़ जिले में द्रशल्ला से किश्तवाड़ और भंडारकोट से चतरू तक काफ़ी सतही कार्य पहले ही पूरा हो चुका है, बस कुछ ही हिस्से बाकी हैं.
किश्तवाड़ के चतरू क्षेत्र के सिंहपोरा से अनंतनाग जिले के कोकरनाग के वैलू क्षेत्र तक एक और सुरंग परियोजना निर्माणाधीन है, जिससे राजमार्ग की लंबाई और कम हो जाएगी और यह सभी मौसमों में संपर्क योग्य हो जाएगा. लेकिन इस सुरंग को अभी भारत सरकार से निर्माण की मंजूरी नहीं मिली है.
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