जेनेटिक काउंसलिंग पर विशेष ध्यान दिया जाये-राज्यपाल पटेल
भोपाल : राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा है कि सिकल सेल को खत्म करने के लिए स्क्रीनिंग के बाद जेनेटिक काउंसलिंग पर विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि धार जिले में 12 लाख लोगों की सिकल सेल स्क्रीनिंग की जा चुकी है, जिनमें से लगभग 25 सौ लोग पॉजिटिव पाए गए हैं। सिकल सेल पॉजिटिव आपस में विवाह नहीं करें, इसकी समझाइश दी जानी चाहिए। यह बात राज्यपाल पटेल ने सिकल सेल रोग के उन्मूलन के लिये चलाए जा रहे अभियान के कार्यक्रम में कही। कार्यक्रम का आयोजन धार जिले में जागरूकता अभियान के तहत किया गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के “मन की बात” कार्यक्रम का सामूहिक श्रवण भी अतिथियों और आमजन द्वारा किया गया।
राज्यपाल पटेल ने कहा कि उन्होंने जन औषधि केंद्रों पर आयुष विभाग के माध्यम से दवाइयों की उपलब्धता कराई गई है। उन्होंने पॉजिटिव पाए गए लोगों से नियमित दवाई लेने और व्यायाम करने, सुपाच्य भोजन करने, ठंडे पानी से नहीं नहाने और अधिक मात्रा में पानी पीने की समझाइश दी। उन्होंने सभी स्टोर्स पर दवाइयों की उपलब्धता और डॉक्टर्स द्वारा जनजागरूकता फैलाने की आवश्यकता पर बल दिया।
राज्यपाल पटेल ने सिकल सेल के क्षेत्र मे जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों द्वारा किए जा रहे कार्यों की सराहना करते हुए उन्हें धन्यवाद दिया। कार्यक्रम में लगी प्रदर्शनी को सराहा। राज्यपाल ने सभी लोगों से उसका अवलोकन करने का आग्रह भी किया।
उच्च शिक्षा एवं आयुष मंत्री इंदर सिंह परमार ने बताया कि राज्यपाल द्वारा शुरू किया अभियान मे आयुर्वेद एवं होम्योपैथी चिकित्सा पद्धतियों के माध्यम से भी सिकल सेल के उन्मूलन का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि जागरूकता अभियान को छात्र-छात्राओं के बीच भी चलाया जाएगा प्रदेश को 2047 तक इस बीमारी से पूर्णतः मुक्त करने का संकल्प लिया गया है।
केन्द्रीय जनजातीय कार्य राज्यमंत्री डीडी उइके ने राज्यपाल की सराहना करते हुए कहा कि वे इस बीमारी की वेदना को समझते हुए पूरे प्रदेश में इसके उन्मूलन के लिए कार्य कर रहे हैं, विशेषतः जनजातीय वर्ग के सर्वांगीण विकास की दिशा में।
केंद्रीय महिला एवं बाल विकास राज्यमंत्री सावित्री ठाकुर ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मंशा के अनुरूप धार जिले में घर-घर जाकर सिकल सेल स्क्रीनिंग का कार्य किया गया है। उन्होंने सभी जनप्रतिनिधियों से समाज सेवा के रूप में इस कार्य में जुटने का आह्वान किया।
राज्यपाल पटेल को कार्यक्रम मे उपस्थित पाँच बच्चों ने उनकी स्कूल एवं हॉस्टल में हुई स्क्रीनिंग के अनुभव साझा किए। बच्चों ने बताया कि अस्पताल से मिलने वाली निशुल्क दवाइयों से उन्हें इस बीमारी में राहत मिली है। कार्यक्रम के दौरान सिकल सेल स्क्रीनिंग एवं क्षय नियंत्रण में उल्लेखनीय योगदान देने वाले लोगों को सम्मानित किया गया।
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