पीड़ितों के बीच पहुंचे राहुल गांधी, बोले
पुंछ: कांग्रेस नेता राहुल गांधी आज जम्मू-कश्मीर के पुंछ पहुंचे. इस दौरान उन्होंने पाकिस्तानी की तरफ से हुई गोलाबारी के पीड़ितों से मुलाकात की. इस मुलाकात की जानकारी उन्होंने एक्स पर एक पोस्ट कर दी. राहुल ने लिखा कि वह आज पुंछ में पाकिस्तान की गोलाबारी में जान गंवाने वालों के परिवारों से मिले. टूटे मकान, बिखरा सामान, नम आंखें और हर कोने में अपनों को खोने की दर्द भरी दास्तान, ये देशभक्त परिवार हर बार जंग का सबसे बड़ा बोझ साहस और गरिमा के साथ उठाते हैं. उनके हौसले को सलाम.
राहुल ने पीड़ित परिजनों को आश्वस्त किया कि इस मुश्किल समय में वो उनके साथ हैं. वह स्कूली बच्चों से भी मिले और उनका हौसला बढ़ाते हुए कहा कि वह उनसे बहुत प्यार करते हैं. उनको टेंशन लेने की बिल्कुल भी जरूरत नहीं है. इस मुश्किल घड़ी से बाहर निकलने के लिए मन लगाकर पढ़ें और खूब दोस्त बनाएं. मैं विश्वास दिलाता हूं कि एक दिन सब ठीक हो जाएगा. राहुल गांधी ने कहा कि यह एक बड़ी त्रासदी है, कई लोगों की जान गई है. बहुत नुकसान हुआ है. उन्होंने लोगों से बात की, उनकी समस्याओं को समझने की कोशिश की. इन पीड़ित परिवारों के साथ वह मजबूती से खड़े हैं. पीड़ितों की मांगों और मुद्दों को वह राष्ट्रीय स्तर पर उठाएंगे.
गोलीबारी में जान गंवाने वाले बच्चों के परिवार से मिले राहुल
राहुल ने पुंछ में 12 साल के जुड़वा भाई-बहनों, जोया और जैन के माता-पिता से भी मुलाकात की. दोनों बच्चों की पाकिस्तान की ओर से हुई गोलाबारी में जान चली गई थी. राहुल गांधी ने कहा कि इस यात्रा का मकसद पाकिस्तानी आक्रमण के पीड़ितों के साथ खड़ा होना और चल रही शत्रुता की मानवीय कीमत को उजागर करना था. इसके अलावा उन्होंने 'ऑपरेशन सिंदूर' के बाद पाकिस्तान की तरफ से की गई गोलीबारी में क्षतिग्रस्त हुए धार्मिक स्थलों का भी दौरा किया.
पहलगाम हमले के बाद राहुल का दूसरा J&K दौरा
बता दें कि पहलगाम में हुए हमले के बाद राहुल गांधी का ये दूसरा जम्मू-कश्मीर दौरा है. 25 अप्रैल को राहुल आतंकवादी हमले में घायल हुए लोगों से मिलने श्रीनगर पहुंचे थे. उन्होंने उस दौरान जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल, मुख्यमंत्री और कई हितधारकों से भी मुलाकात की थी. राहुल शनिवार सुबह जम्मू हवाई अड्डे पहुंचे. वहां से वह हेलीकॉप्टर से पुंछ के लिए रवाना हुए.
पुंछ में 13 पाक की गोलीबारी का शिकार
बता दें कि पहलगाम आतंकवादी हमले के जवाब में भारत ने 'ऑपरेशन सिंदूर' के तहत पाकिस्तान और इसके कब्जे वाले कश्मीर में 9 आतंकवादी ठिकानों को ध्वस्त कर दिया था. जिसके बाद इसके बाद से पुंछ सेक्टर में गोलाबारी बढ़ गई थी. पाकिस्तान ने 7 से 10 मई के बीच जम्मू-कश्मीर में तोप से गोले दागे और मिसाइल और ड्रोन से भी हमला किया था. इन हमलों में 28 लोग मारे गए, जिनमें से 13 की मौत अकेले पुंछ जिले में हुई थी. वहीं 70 से अधिक घायल हो गए थे.
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