फतेहपुर सीकरी: बड़े भाई ने की छोटे भाई की हत्या, शव को बिटोरे में जलाया
आगरा: पत्नी से अभद्रता की घटना पर भड़का बड़ा भाई छोटे भाई की जान का दुश्मन बन गया। दिन में मारपीट किए जाने पर छोटा भाई फतेहपुर सीकरी थाने पहुंचा और खुद को निर्दोष बताकर शिकायत की। तीन घंटे तक बिठाए रखने के बाद पुलिस ने सुबह आने की कहकर लौटा दिया।
रात में घर पहुंचे छोटे भाई की बड़े भाई ने पीट-पीटकर हत्या कर दी। इसके बाद उसका शव बिटोरे में फूंक दिया। सुबह जानकारी होने पर पुलिस पहुंची तब तक परिवार फरार हो गया। फोरेंसिक टीम को घटनास्थल से हत्या के साक्ष्य मिले हैं।
निजी अस्पताल में चौकीदारी करने वाले दुल्हारा निवासी हरभान सिंह के तीन बेटों में सबसे बड़ा रंजीत व मझला बेटा रनवीर हैं। रनवीर टेंपो चलाता था। सबसे छोटा बेटा मुकेश अभी पढ़ाई कर रहा है। रंजीत की शादी हो चुकी है और पूरा परिवार एक ही घर में रहता है।
रंजीत की पत्नी ने एक माह पहले रनवीर पर अभद्रता का आरोप लगाया था। तभी से दोनों भाइयों में विवाद चल रहा था। 27 अप्रैल को रंजीत की पत्नी ने रनवीर के खिलाफ थाना फतेहपुर सीकरी में तहरीर भी दी, लेकिन पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। सोमवार दोपहर रंजीत व परिवार के अन्य लोगों ने रनवीर के साथ मारपीट की।
भाइयों ने मारपीट की, पुलिस ने बैठाए रखा
ग्रामीणों ने बताया कि शाम पांच बजे रनवीर फतेहपुर सीकरी थाने पहुंचा। उसने पुलिस को बताया कि उसके भाइयों ने उसके साथ मारपीट की है। तहरीर लेने के बाद पुलिस मेडिकल कराने की कहकर तीन घंटे बिठाए रही और बाद में कह दिया कि सुबह आना। रात आठ बजे वह घर पहुंच गया। आरोप है कि उसके बड़े भाई व परिवार के अन्य लोगों ने उसको पीट-पीटकर अधमरा कर दिया। परिवार के कुछ लोग मरणासन्न हालत में उसे भरतपुर लेकर गए, वहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इसके बाद रात में ही परिवार के लोगों ने रनवीर का शव गांव में बने बिटोरे में रखकर फूंक दिया।
चौकीदार की सूचना पर पहुंची पुलिस
गांव के चौकीदार की सूचना के चार घंटे बाद मंगलवार सुबह सात बजे पुलिस पहुंची। तब तक परिवार के लोग वहां से फरार हो गए। पुलिस के साथ पहुंची फोरेंसिक टीम को घर में खून के निशान और बिटोरे में जली हुई अस्थियों के अवशेष भी मिले। ग्रामीणों का कहना है कि पुलिस अगर कार्रवाई कर देती तो रनवीर की जान बच जाती।
पुलिस आयुक्त दीपक कुमार का कहना है कि प्रथमदृष्टया पुलिस की लारवाही सामने आ रही है। 48 घंटे में जांच के आदेश दिए हैं। इसके बाद थाना प्रभारी पर कार्रवाई की जाएगी।
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