जौनपुर में निकाह, बहू पाकिस्तान में: पहलगाम हमले ने तोड़ी सरहद की राह
उत्तर प्रदेश में जौनपुर बीजेपी के नेता तहसीन शाहिद एक बड़ी मुश्किल में फंस गए हैं. छह महीने पहले उनके बेटे मोहम्मद अब्बास हैदर की पाकिस्तानी दुल्हन से ऑनलाइन निकाह हुआ था. बहू को भारत लाने के लिए वह उसी समय से वीजा के लिए प्रयासरत थे, लेकिन पहलगाम में आतंकी हमले के बाद स्थिति ऐसी बन गई कि बॉर्डर ही बंद हो गया. ऐसे में बड़ा सवाल यह है कि वह अपनी पाकिसतानी बहू को भारत कैसे ला पाएंगे? हालांकि उन्होंने कहा कि सरकार जो भी फैसला करेगी, उन्हें मान्य होगा.
उन्होंने कहा कि वीजा के लिए अप्लाई किया था, इंक्वायरी चल रही थी, लेकिन अभी तक वीजा नहीं मिल पाया है. अब तो रोक ही लग गई है. ऐसे में क्या कर सकते हैं. उन्होंने कहा कि जिसने गलत किया, उसे सजा मिलनी ही चाहिए. वह सरकार के साथ हैं और सरकार जो चाहेगी हम लोग वही करेंगे. उन्होंने बताया कि उनकी बहू पाकिस्तान में रहने वाली बहन की बेटी अंदलीप जहरा है.
छह महीने पहले हुआ था निकाह
उन्होंने बताया कि छह महीने पहले निकाह की तारीख तय हुई थी, लेकिन उस समय बहन की तबियत खराब हो गई और वीजा भी नहीं मिला. ऐसे में उन्होंने ऑनलाइन निकाह करा दिया था. अब बहू को लाने की तैयारी चल रही थी. इसके लिए उन्होंने दोबारा से वीजा अप्लाई कर दिया था. बता दें कि भारतीय दूल्हे और पाकिस्तानी दुल्हन का यह निकाह काफी चर्चा में रहा था. निकाह के वक्त दूल्हे की ओर से सैकड़ों की तादात में बाराती शामिल हुए थे. वहीं पाकिस्तान के लाहौर में भी दुल्हन पक्ष में बड़ी संख्या में लोग इकट्ठा हुए थे.
पहलगाम हमले के बाद बॉर्डर बंद
निकाह के बाद से ही दूल्हा और दुल्हन को वीजा मिलने का इंतजार था. लेकिन नई परिस्थिति में एक बार फिर से दुल्हन की विदाई की तारीख टल गई है. बता दें कि मंगलवार को पहलगाम में पाकिस्तान समिर्थत आतंकियों ने निर्दोष सैलानियों पर हमला किया था. इस हमले में 26 लोग मारे गए थे. इस घटना को लेकर देश भर में आक्रोश है. वहीं भारत सरकार ने बॉर्डर बंद करते हुए पाकिसतान के साथ सभी रिश्ते तोड़ लिए हैं.
बड़ा प्रशासनिक फेरबदल: MP में 62 IPS अफसरों का तबादला, 19 जिलों के SP बदले
जूनागढ़ में बस पलटी, दो की मौत और 15 घायल; बड़ी दुर्घटना से हड़कंप
कपिल सिब्बल का बयान: मतगणना केंद्रों पर राज्य सरकार के कर्मचारी जरूरी
Mamata Banerjee का दावा: बंगाल में फिर बनेगी TMC सरकार