रामबन में बादल फटा, तबाही का मंजर – कई घर बहे, हाईवे बंद
जम्मू कश्मीर के रामबन जिले में बादल फटने के बाद तबाही भरा देखने को मिला. लोगों के घर बह गए. राम बन इलाके में बाढ़ जैसी स्थिति बनी हुई है. ऐसे में भारतीय सेना ने राष्ट्रीय राजमार्ग 44 पर संपर्क बहाल करने के लिए अभियान शुरू किया है. सड़क साफ करने और उस पर आवाजाही शुरू करने में 48 घंटे तक का समय लग सकता है.
फंसे हुए यात्रियों को राहत पहुंचाने के लिए बनिहाल, कराचियाल, डिगदौल, मैत्रा और चंदरकोट से तुरंत प्रतिक्रिया दल (क्यूआरटी) को तैनात किया गया. मौके पर आगे की सहायता के लिए आठ सेना की टुकड़ियां फिलहाल प्रमुख स्थानों पर स्टैंडबाय पर हैं. इस बीच, केआरसीएल, सीपीपीएल और डीएमआर सहित नागरिक निर्माण फर्मों के जेसीबी और भी कई उपकरणों की मदद से बंद हुए राजमार्ग पर सफाई अभियान शुरू कर दिया है.
मौके पर पहुंचकर भारतीय सेना की टीम ने स्थिति का जायजा लिया, फिर सेना ने जिला आयुक्त, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक और यातायात अधीक्षक सहित नागरिक प्रशासन के अधिकारियों के साथ मिलकर तुरंत कार्रवाई शुरू की. हालांकि, कोई आपातकालीन सहायता का अनुरोध नहीं किया गया है.
लोगों ने सेना पर दिखाया भरोसा
चुनौतियों के बावजूद मौके पर मौजूद लोगों ने भारतीय सेना पर भरोसा जताया है. एक फंसे हुए शख्स से जब स्थिति के बारे में पूछा गया तो उसने आत्मविश्वास से जवाब दिया. शख्स ने बताया कि कोई दिक्कत नहीं है. सेना है न, सब कुछ ठीक हो जाएगा. भारतीय सेना संकट के समय में जम्मू और कश्मीर के नागरिकों के साथ खड़ी रहने, सुरक्षा, समर्थन और समय पर सहायता सुनिश्चित करने पूरी तरह से जुटी हुई है.
3 लोगों की मौत
जम्मू-कश्मीर में कई जगहों पर भूस्खलन की खबरें सामने आई हैं. रामबन जिले में भारी बारिश के बाद बादल फट गया, जिसके बाद इलाके में अचानक से बाढ़ आ गई. इस प्राकृतिक आपदा में तीन लोगों की मौत हो गई और 100 से ज्यादा लोगों को राहत एवं बचाव कार्य में बचा लिया गया. है. वहीं बाढ़ के कारण 100 से ज्यादा घर इस आपदा की चपेट में आ गए. रामबन जिले में भारी बारिश की वजह से धर्म कुंड गांव प्रभावित हुआ. हालात को देखते हुए जिले के सभी स्कूल-कॉलेजों को 21 अप्रैल को बंद रखने का आदेश दिया गया है.
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