पाकिस्तान पर मेहरबान चीन, 43,000 करोड़ का आर्थिक पैकेज क्यों?
भारत के दो पड़ोसी देश चीन और पाकिस्तान के बीच एक बार फिर ‘प्यार’ बढ़ रहा है. तभी तो चीन एक के बाद एक कई ऐसे गिफ्ट और सामान पाकिस्तान को दे रहा है, जिसका इस्तेमाल पाकिस्तान भारत के खिलाफ कर सकता है. इन सामानों की टोटल कॉस्ट या कहें डील प्राइस करीब 5 अरब डॉलर ( करीब 43,000 करोड़ भारतीय रुपये) होने वाली है.
चीन ने हाल में पाकिस्तान को दूसरी ‘हैंगोर-क्लास’ पनडुब्बी हैंडओवर की है. ये अरब सागर और हिंद महासागर में पाकिस्तान की सैन्य ताकत को बढ़ाने का काम करेगी. इसमें आधुनिक हथियार और सेंसर टेक्नोलॉजी लगाई गई है.
5 अरब डॉलर की डील
चीन और पाकिस्तान के बीच इस तरह की 8 पनडुब्बी के लिए 5 अरब डॉलर की एक डील है. अभी इसमें से दूसरी पनडुब्बी ही पाकिस्तान को डिलीवर हुई है. इसे चीन के वुहान में लॉन्च किया गया. पाकिस्तान के बलूचिस्तान में ग्वादर पोर्ट के पास चीन अपनी रणनीतिक पकड़ को मजबूत कर रहा है. यहीं पर चीन-पाकिस्तान इकोनॉमिक कॉरिडोर का एक पॉइंट पहुंचता है. चीन का पाकिस्तान को ये सपोर्ट सिर्फ पनडुब्बी तक सीमित नहीं है.
चीन लुटा रहा पाकिस्तान पर ‘प्यार’
अगर चीन और पाकिस्तान के रिश्तों को देखें, तो चीन लंबे समय से पाकिस्तान पर अपना ‘प्यार’ लुटा रहा है. पाकिस्तान की सेना में अब चीन से आए हथियारों की संख्या लगातार बढ़ रही है. साल 2019 से 2023 के बीच पाकिस्तान ने जितने भी हथियारों का इंपोर्ट किया, उसमें से 81 प्रतिशत चीन से आए. चीन से पाकिस्तान पहुंचने वाले हथियारों की संख्या इससे पिछले 5 साल के मुकाबले इस दौरान 74 प्रतिशत बढ़ी है.
एक खबर के मुताबिक पाकिस्तान के हथियारों के कुल इंपोर्ट में चीन की हिस्सेदारी अब 63 प्रतिशत पहुंच चुकी है. खबर के मुताबिक ये रकम करीब 5.3 अरब डॉलर के आसपास होती है.
चीन के पाकिस्तान को दिए जाने वाले इस सपोर्ट भारत की सुरक्षा को लेकर खतरा बढ़ सकता है. वहीं ये दक्षिण एशिया रीजन में शांति के प्रयासों के लिए भी एक धक्के के समान है.
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