मंत्री प्रहलाद पटेल के विवादास्पद बयान से मचा राजनीतिक गलियारों में हलचल
भोपाल: पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री प्रहलाद पटेल के विवादित बयान ने राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी है। भाजपा के राष्ट्रीय नेतृत्व ने उनके बयान को गंभीरता से लिया है और प्रदेश संगठन से पूरी जानकारी मांगी है। इस बीच प्रहलाद पटेल ने अपने एक्स हैंडल पर भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा को टैग करते हुए लिखा कि मेरे मन में हमेशा जनता रहती है, उसने मुझे नकारा हो या स्वीकारा हो, यह मेरी वफादारी का अतीत है। हालांकि बाद में उन्होंने अपने सोशल मीडिया पोस्ट से नड्डा का नाम हटा दिया, जिससे यह कयास लगाए जा रहे हैं कि पार्टी नेतृत्व ने उनसे इस मामले पर बात की है।
क्या था प्रहलाद पटेल का बयान?
राजगढ़ के सुठालिया में रानी अवंती बाई की प्रतिमा के अनावरण के दौरान पंचायत मंत्री प्रहलाद पटेल ने जनता की मांगों को 'भीख' बताया। उन्होंने कहा कि लोगों को सरकार से भीख मांगने की आदत हो गई है। उन्होंने आगे कहा, 'नेता आते हैं, उन्हें मांग पत्रों से भरी टोकरी थमा दी जाती है। यह अच्छी आदत नहीं है। लेने की बजाय देने की मानसिकता बनाओ। मैं विश्वास के साथ कहता हूं, आप खुश रहेंगे और एक सुसंस्कृत समाज का निर्माण करेंगे। भिखारियों को बढ़ावा देना समाज को मजबूत नहीं, बल्कि कमजोर करना है।'
मुफ्त की चीजों के प्रति आकर्षण समाज को कमजोर करता है
पटेल ने यह भी कहा कि समाज को मजबूत करने के लिए लोगों को आत्मनिर्भर होना पड़ेगा। उन्होंने कहा, 'मुफ्त की चीजों के प्रति जितना अधिक आकर्षण होगा, यह वीर नारियों का सम्मान नहीं, बल्कि समाज को कमजोर करने की मानसिकता है।'
कांग्रेस ने किया पलटवार, भाजपा पर साधा निशाना
प्रहलाद पटेल के बयान पर कांग्रेस ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने सोशल मीडिया पर लिखा कि लोगों के अधिकार को 'भीख' कहना भाजपा के अहंकार को दर्शाता है। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंगार ने भी कहा कि यह बयान संयमित नहीं है।
मौसम ने बदला रंग: बारिश से राहत, लेकिन 2 दिन बाद फिर बढ़ेगी गर्मी
White House के पास फायरिंग, हमलावर ढेर, अंदर मौजूद थे Donald Trump
मिशन दृष्टि की गूंज दुनिया में: पीएम मोदी के पोस्ट पर एलन मस्क का रिएक्शन
जांच एजेंसियों को मिले वित्तीय लेनदेन से जुड़े अहम दस्तावेज
सेंसेक्स-निफ्टी में मजबूत शुरुआत, निवेशकों का भरोसा बढ़ा
तमिलनाडु में TVK को कांग्रेस का समर्थन, आज जारी हो सकता है औपचारिक पत्र
भोपाल मेट्रो पर नया विवाद: कब्रों के नीचे से गुजरने पर वक्फ बोर्ड की आपत्ति