बरेली में पतंग का मांझा बनाने वाली फैक्ट्री में ब्लास्ट, मालिक और एक कारीगर की मौके पर मौत
उत्तर प्रदेश के बरेली जिले के किला थाना क्षेत्र के बाकरगंज इलाके में एक बड़ा हादसा हो गया. इलाके में पतंग का मांझा बनाने वाली फैक्ट्री में जबरदस्त धमाका हुआ, जिसमें माझा बनाने के लिए गंधक और पोटाश मिलाते वक्त ब्लास्ट हो गया. ब्लास्ट में फैक्ट्री मालिक और एक कारीगर की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि एक अन्य युवक गंभीर रूप से घायल हो गया.
धमाका इतना तेज था कि आसपास के इलाके में हड़कंप मच गया. सूचना पर पहुंची बाहरी पुलिस बल ने तुरंत ही घायल को अस्पताल भिजवाया और दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है. पुलिस पूरे मामले की जांच में जुट गई है. पुलिस के मुताबिक थाना किला क्षेत्र के बाकरगंज में मांझा बनाने की एक फैक्ट्री में सुबह गंधक, पोटाश और कांच को मिलाया जा रहा था तभी ब्लास्ट हुआ.
जानिए कैसे हुआ ब्लास्ट हादसा?
धमाके की आवाज इतनी तेज थी कि आसपास के लोग घबरा गए और तुरंत मौके पर पहुंचे. वहां का नजारा बेहद भयावह था. धमाके में फैक्ट्री मालिक अतीक रजा और कारीगर सरताज की मौके पर ही मौत हो गई. वहीं अंदर काम कर रहे कारीगर फैजान बुरी तरह घायल हो गया, जिसे अस्पताल में भर्ती कराया गया है. डॉक्टरों के अनुसार उसकी हालत चिंताजनक बनी हुई है.
घनी आबादी में चल रही थी फैक्ट्री
इस घटना ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं, क्योंकि माझा बनाने की यह फैक्ट्री घनी आबादी के बीच चल रही थी. हादसे के बाद स्थानीय लोगों में भी गुस्सा देखा गया. उनका कहना है कि रिहायशी इलाके में इस तरह के खतरनाक केमिकल का इस्तेमाल किया जा रहा था, लेकिन प्रशासन ने कभी इस पर ध्यान नहीं दिया.
धमाके की आवाज इतनी तेज थी कि कुछ लोगों को लगा कि गैस सिलेंडर फट गया है, लेकिन जब उन्होंने देखा कि फैक्ट्री में आग लगी है, तो तुरंत पुलिस को सूचना दी. स्थानीय लोगों की मदद से बचाव कार्य शुरू किया गया और घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया.
पुलिस ने शुरू की जांच
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी. पुलिस ने आसपास के लोगों से पूछताछ की और मौके से कुछ नमूने भी लिए हैं. सीओ सेकेंड संदीप कुमार ने बताया कि प्रारंभिक जांच में पता चला है कि फैक्ट्री में केमिकल मिलाते समय धमाका हुआ. पुलिस अब यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि यह फैक्ट्री वैध थी या अवैध रूप से चलाई जा रही थी. स्थानीय लोगों का कहना है कि इस तरह की फैक्ट्रियां बस्ती के बीच चल रही हैं, जो बेहद खतरनाक है. ऐसे में अगर प्रशासन पहले ही इस पर ध्यान देता तो शायद यह हादसा टल सकता था. दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने की बात कही जा रही है.
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