Monday, 27 May 2019, 6:00 PM

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आओ बचाएं अपनी विरासत

Updated on 22 April, 2014, 11:05
विश्व के सांस्कृतिक-ऐतिहासिक स्थलों को विरासतों के रूप में संरक्षित रखने के लिए यूनेस्को द्वारा हर साल 18 अप्रैल को 'व‌र्ल्ड हेरिटेज डे' मनाया जाता है। विरासतों को सुरक्षित रखने के लिए क्यों जरूरी है जागरूकता, आओ जानते हैं.. व‌र्ल्ड हेरिटेज डे की शुरुआत संरक्षित स्थलों पर जागरूकता के लिए सांस्कृतिक-ऐतिहासिक एवं... आगे पढ़े

मजेदार चुटकुला : पति के पदचिह्न...

Updated on 21 February, 2014, 16:40
एक पंडाल में संत प्रवचन देते हुए कह रहे थे- प्रत्येक पत्नी को अपने पति के पदचिह्नों पर चलना चाहिए। महात्मा जी की यह बात सुनकर एक महिला जोर से बोली- लेकिन महाराज...! मेरे पति तो पोस्टमैन हैं, मैं उनके पदचिह्नों पर चलकर लोगों के घर-घर कैसे जा सकती हूं। ... आगे पढ़े

जीने का फलसफा भी सिखाता है गुलाब

Updated on 8 February, 2014, 18:27
 'कांटों में भी खिलकर मुस्कुराता है गुलाब, जीने की कुछ ऐसी अदा सिखाता है गुलाब' कुछ ऐसा ही है गुलाब का अंदाज। कांटों में खिलकर और तमाम पहरेदारों से घिरकर खिला गुलाब महज एक फूल ही नहीं है बल्कि यह एक ऐसा प्रेरणादायक फूल है जो लोगों को कष्ट सहकर... आगे पढ़े

रोचक कहानी: मिल गई सीख

Updated on 1 February, 2014, 20:07
अपनी आदत से मजबूर रीमा ने तीसरी बार सुमेधा के साथ चीट किया। जब वह छुंट्टी पर थी, तो रीमा ने अपनी क्लास टीचर से कुछ ऐसा कहा कि उसे हटाकर रीमा को हेडगर्ल बना दिया गया। आखिर क्यों करती है रीमा ऐसा, सुमेधा ने यह सोचकर उसे सबक सिखाने... आगे पढ़े

मन की आजादी

Updated on 25 January, 2014, 19:38
आज के वक्त के अनुसार अपने क्षेत्र में कुशल हैं, तो आपको फ्रीलांसिंग के रूप में मन मुताबिक काम करने के तमाम मौके मिल सकते हैं। कैसे, बता रहे हैं अरुण श्रीवास्तव.. अजित कुमार सिविल सर्विसेज की तैयारी करने दिल्ली आये थे। पढ़ने के साथ-साथ उन्हें लिखने का शौक भी था।... आगे पढ़े

खुद को भी दें शाबाशी

Updated on 19 January, 2014, 17:47
चौंकिए मत ! जब आत्मविश्वास कमजोर पड़ने लगे तो ख़्ाुद को शाबाशी देना भी अच्छा रहता है। कैसे बढ़ाएं अपना सेल्फ एस्टीम, बता रही है कंसल्टेट साइकोलॉजिस्ट डॉ. गीतिका कपूर। बात लो सेल्फ एस्टीम की हो तो बासु चटर्जी की पुरानी फिल्म 'छोटी सी बात' का जिक्र प्रासंगिक हो उठता है।... आगे पढ़े

करियर को दें नई उड़ान

Updated on 12 January, 2014, 17:57
यदि आप युवावस्था की दहलीज पर दस्तक दे रही हैं तो यह तय मानें कि अब आपकी जिंदगी व करियर के सर्वाधिक महत्वपूर्ण साल शुरू होने वाले हैं। करियर काउंसलर भी इस बात से सहमत हैं। इस संदर्भ में करियर काउंसलर विनम्रता सिन्हा कहती हैं, इस उम्र में ही नवयुवतियों... आगे पढ़े

उम्मीदों के सूरज

Updated on 1 January, 2014, 20:15
2014 का सूरज आपका स्वागत करने को तैयार है। बीते समय की सफलताओं-असफलताओं से सबक लेते हुए आगे के लिए खुद को तैयार रखें..। इस विश्वास के साथ कि उम्मीदों के सूरज एक न एक दिन आपके जीवन में जरूर चमकेंगे। कैसे, बता रहे हैं अरुण श्रीवास्तव.. 'उम्मीदों के सूरज निकले चारों... आगे पढ़े

जीत के सबक

Updated on 21 December, 2013, 20:59
अच्छी नीयत, मुकम्मल तैयारी, ईमानदारी और दृढ़ता के साथ लक्ष्य की ओर बढ़ने वाले ही चमत्कारिक जीत का स्वाद चखते हैं। दिल्ली में 'आप' की जीत से भी यही संदेश निकल रहा है। क्या होते हैं ऐसी जीत के सबक, बता रहे हैं अरुण श्रीवास्तव.. साल भर पहले तक किसी ने... आगे पढ़े

सपने देखो साहस करो..

Updated on 14 December, 2013, 19:08
उनके पास वह सब कुछ है, जिन्हें पाकर वे खुशी-खुशी जिंदगी गुजार सकती हैं, पर उनके लिए असली खुशी है, अपने सपनों के लिए संघर्ष करना। लीक से अलग हटकर ऐसी राह बनाना, जिसमें चुनौती हो, जोखिम हो..। व‌र्ल्ड माउंटेन डे पर मिलिए देश की ऐसी ही महिलाओं से, जिन्होंने... आगे पढ़े

दिल तो बच्चा है!

Updated on 7 December, 2013, 21:25
रोजमर्रा के जीवन में हमारे मन की बहुत बड़ी भूमिका होती है। चूंकि मन चंचल होता है, इसलिए कभी किसी चीज के लिए वह बच्चों की तरह मचल जाता है, तो कभी कुछ करने का मन ही नहीं होता। कैसे साधें मन को, बता रहे हैं अरुण श्रीवास्तव.. वह रविवार की... आगे पढ़े

ताकत बनती हैं सुखद यादें..

Updated on 1 December, 2013, 18:01
सचिन तेंदुलकर क्रिकेट से रिटायर हो चुके हैं, यह विश्वास नहीं होता है। स्टूडेंट लाइफ में मैंने न जाने उनके कितने पोस्टर्स जमा किए थे। एक डायरी थी, जिसमें उनके द्वारा अलग-अलग टूर्नामेंट्स में बनाए गए रन, यहां तक कि क्षेत्ररक्षण के दौरान उनके द्वारा लिए गए कैच और विकेट... आगे पढ़े

43 शख्सियतों को मिला भारत रतन

Updated on 24 November, 2013, 19:46
दोस्तो, इस बार जिन दो महान शख्सियतों को भारत का सर्वोच्च नागरिक सम्मान 'भारत रत्न' देने की घोषणा हुई है, वे दोनों ही अपनी-अपनी फील्ड के शतकवीर हैं। मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर क्रिकेट के मैदान पर शतकों के शतक जमा चुके हैं, तो वहींप्रख्यात वैज्ञानिक प्रो. चिंतामणि नागेश रामचंद्र राव... आगे पढ़े

मुझे सीखने का जुनून है..

Updated on 19 November, 2013, 12:26
दिल्ली यूनिवर्सिटी के श्रीराम कालेज से इकोनॉमिक्स में ग्रेजुएशन, फिर एडवरटाइजिंग व पीआर में पोस्ट ग्रेजुएशन तत्पश्चात लॉ की डिग्री और इंटीरियर डिजाइन में लंदन से डिप्लोमा करने वाली मशहूर इंटीरियर डिजाइनर लिपिका सूद जीवन में अनेक उतार चढ़ावों से जूझने के बावजूद सफलता की सीढि़यों पर दृढ़ता से आगे बढ़ती जा रही... आगे पढ़े

मल्टीटास्किंग की उलझनों से पाएं पार..

Updated on 10 November, 2013, 19:09
जब वे रहती हैं घर में तो धोबी, माली, कामवाली बाई से जूझते हुए घर के हर काम को निपटा रही होती हैं। जब निकलती हैं वर्क प्लेस के लिए तो रास्ते में ही अपने टास्क डिफाइन कर लेती हैं कि आज सीट पर बैठने के बाद से क्या करना... आगे पढ़े

बेशकीमती है प्यार का शगुन

Updated on 27 October, 2013, 19:06
धीरे-धीरे ही सही बाजार ने रफ्तार पकड़ ली है। नवरात्र के बाद से ही बाजार अपनी पूरी सजधज के साथ ग्राहकों को लुभाने को सज गए थे। बाजार में घूमते-फिरते आपको भी अंदाजा हो ही गया होगा कि इस बार क्वालिटी और फैशन से ज्यादा चर्चे कीमतों के हैं। दाल-सब्जी... आगे पढ़े

दिल हारे दिमाग नहीं

Updated on 14 October, 2013, 21:06
काफी दूर तक सोच लेते हैं लड़के। क्या प्यार इतना आसान है कि देखते ही कह दिया, आई लव यू.. लड़कों के लिए सब कुछ इतना आसान कैसे होता है? 19 वर्षीय हर्षिता अपनी पहली डेट के अनुभव बता रही हैं। छह महीने पहले उनके एक हैंडसम बैचमेट ने उनके साथ... आगे पढ़े

रहा चुन ली तो क्यों रूकें

Updated on 27 September, 2013, 10:43
कुछ कर गुजरने की ख्वाहिशों को मुकाम जरूर मिलता है। इरादे अटल हों तो रास्ते खुद ब खुद निकलते चले जाते हैं। दिल में कुछ कर गुजरने का जज्बा हो तो कभी जोश राह बनाता है तो कभी परिस्थितियां वह करने की हिम्मत पैदा कर देती हैं, जो आज तक... आगे पढ़े

निजी बनते प्रोफेशनल रिश्ते

Updated on 20 September, 2013, 18:41
प्रोफेशनलिज्म का पहला नियम है कि ऑफिस के रिश्तों को घर तक नहीं ले जाना चाहिए। लेकिन ऑफिस में घंटों साथ बिताने पर रिश्ते निजी स्तर तक आ ही जाते हैं। ऐसे ही रिश्तों को ऑफिस स्पाउस कहते हैं। इन रिश्तों के आपके करियर पर सकारात्मक और नकारात्मक, दोनों तरह... आगे पढ़े

एक नई सुबह की दास्तां

Updated on 15 September, 2013, 17:17
इनकी जिंदगी किसी चुनौती से कम नहीं। इन्होंने अपने आत्मबल और जिजीविषा के बल पर अपने जीवन की कहानी खुद लिखी है। स्वस्थ जीवन गुजारने के बाद अचानक खुद के अपाहिज या बदसूरत हो जाने के अहसास ने इन्हें तोड़ा जरूर, लेकिन ये फिर उठीं, खुद को मजबूत किया, अपनी... आगे पढ़े

गुस्सा करना छोड़ दिया

Updated on 11 September, 2013, 18:08
शादी के दो-तीन महीने बाद ही मुझे पता चला कि बात-बात पर गुस्सा होना इनकी आदत में शुमार है। हर बात पर गुस्सा होना और कमियां निकालना इनकी आदत थी। एक दिन यह देर रात घर आए तो मैंने इनसे देर से आने का कारण पूछा। इस पर यह गुस्से... आगे पढ़े

डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन को समर्पित खास दिन

Updated on 5 September, 2013, 8:25
पूर्व राष्ट्रपति डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन के जन्मदिन के अवसर पर शिक्षकों के प्रति सम्मान प्रकट करने के लिए भारत भर में शिक्षक दिवस 5 सितंबर को मनाया जाता है। जानते हैं और कौन-कौन से देश मनाते हैं शिक्षक दिवस? 'गुरु गोविंद दोउ खड़े काके लागू पां, बलिहारी गुरु आपने गोविंद दियो... आगे पढ़े

डिप्रेशन से लड़ने का मंत्र 'कतई न घबराएं'

Updated on 31 August, 2013, 19:55
26वर्षीया अति महत्वाकांक्षी आकांक्षा देशमुख नई दिल्ली स्थित एक स्थापित कंपनी में कार्यरत थीं। उनका कॅरियर 'उड़ान' पर था। एग्जीटिव के पद पर उनका प्रमोशनहोने ही वाला था कि इसी बीच उनके पिता की एक सड़क हादसे में मौत हो गयी। उनकी मां अक्सर बीमार रहा करती थी। परिवार में... आगे पढ़े

बैंकिंग कच्चे धागे की

Updated on 25 August, 2013, 18:54
तनु और सुरभि हैं तो भाई-बहन और उम्र में भी कोई बहुत ज्यादा अंतर नहीं है, पर जिम्मेदारी समझने में बहुत बड़ा अंतर है। तनु की हमेशा यही कोशिश रहती है उसकी बहन पैसे की कद्र करे.. पर बहन बहुत खर्चीली..। इस बार तनु ने रक्षाबंधन के 'नेग' का एजेंडा... आगे पढ़े

वही होता है जो नसीब में लिखा है

Updated on 20 August, 2013, 11:43
मूल रूप से बंगाल की रहने वाली सुमन नाथवानी अपने हौसले से यहां तक पहुंची हैं। बहुत कम उम्र से ही उन्होंने काम करना शुरू कर दिया था, जबकि उनके पिता को उनका काम करना बिल्कुल पसंद नहीं था। मां को अपनी प्रेरणा मानने वाली सुमन नाथवानी अपने बच्चों और... आगे पढ़े

हमारी वजह से किसी दूसरे को परेशानी न हो..

Updated on 16 August, 2013, 18:29
दोस्तो, किसी कवि की पंक्तियां हैं: 15 अगस्त सन 47 को हम सब थे आजाद हुए.. जंजीर गुलामी की टूटी, अंबर गूंजा, जयनाद हुए.. हमने समझा अब तोड़फोड़ हिंसा का अधिकार मिला.. मनमाने कदम उठाने को आजादी का हथियार मिला..। यह कविता आगे बताती है कि आजादी का हथियार हमें... आगे पढ़े

..ताकि छोड़नी न पड़े जॉब

Updated on 9 August, 2013, 21:44
श्रेष्ठा एक कंपनी में एकाउंटेंट है। वह हमेशा अपने बॉस से सहमी रहती थी। उसके अनुसार, छोटी सी भी गलती हो जाने पर बॉस उसे बुरी तरह डांटते-फटकारते हैं। अब वह नौकरी बदलने की फिराक में है। दूसरी तरफ अमित एक मीडिया हाउस में काम करता है। उसके बॉस छोटी-छोटी बात... आगे पढ़े

काम पूरा क्यों नहीं होता

Updated on 5 August, 2013, 18:00
वर्कप्लेस पर चुनौती होती है टास्क को समय पर पूरा करने की, लेकिन यदि टाइम मैनेजमेंट न किया जाए, तो काम अंतहीन लगने लगता है.. धर्मेश साहू एक कंपनी में मैनेजर हैं। रूटीन काम के अलावा क्या काम उनके पास आ जाएगा, निर्धारित नहीं है। उनकी समस्या यह है कि जब... आगे पढ़े

गलती का एहसास

Updated on 31 July, 2013, 18:11
'निकिता टीवी बंद करो।' मां ने तीसरी बार उसे आवाज लगाई। निकिता कार्टून चैनल की दीवानी थी। जब भी उसे अवसर मिलता, पढ़ने और खाने के दौरान वह कार्टून चैनल देखने लगती। वह इस फेर में खेलने भी नहीं जाती थी। एक दिन जैसे ही उसने टीवी ऑन किया, रसोई... आगे पढ़े

वीरानगी बचपन की

Updated on 27 July, 2013, 17:08
तब मैं इस दफ्तर में नई-नई आई थी। राजबीर मेरे साथ वाली कुर्सी पर बैठता था। मैं सारा काम उसी से समझती थी, आरंभ में डरती-झिझकती हुई, फिर निडर होकर। धीरे-धीरे वह मुझे अच्छा लगने लगा, कुछ अपना-अपना सा। एक दिन बोला, मीता, एक बात कहूं, बुरा तो नहीं मानोगी? कहिए, आपकी... आगे पढ़े

दरअसल