Monday, 18 November 2019, 2:48 AM

मेरे मन की

शादी में व्यावहारिक होना जरूरी : चेतन भगत-अनुषा

Updated on 4 December, 2014, 14:18
सलेब्रिटी लेखक चेतन भगत और उनकी हमसफर अनुषा की शादी को छह साल हो चुके हैं। जुडवां बच्चों के माता-पिता हैं ये। दोनों अलग-अलग राज्यों व पृष्ठभूमि से आते हैं। मगर इन्होंने साथ चलने का फैसला लिया और आज ख्ाुश हैं। पहली मुलाकात अनुषा : फिल्म 'टू स्टेट्स के अर्जुन कपूर और... आगे पढ़े

धैर्य से निभाए जाते हैं रिश्ते: रोनू मजूमदार-संगीता

Updated on 20 November, 2014, 23:24
हिंदुस्तानीक्लासिकल म्यूजिक में अलग पहचान है बनारस (उप्र) में जन्मे बांसुरीवादक रेनेंद्र नाथ मजूमदार की, जिन्हें संगीतप्रेमी पंडित रोनू मजूमदार के नाम से जानते हैं। बांसुरी उन्होंने अपने पिता डॉ. भानु मजूमदार से सीखी। विश्वविख्यात सितारवादक पं. रविशंकर के शागिर्द रहे और संगीतकार आर.डी. बर्मन के साथ भी म्यूजिक दिया।... आगे पढ़े

इस चाहत को आहत न होने दें

Updated on 20 November, 2014, 23:20
स्वस्थ जीवन का अहम हिस्सा है सेक्सुअलिटी। आधुनिक जीवनशैली ने लोगों की सेक्स लाइफ को बहुत प्रभावित किया है। सेक्स से जुडी कई समस्याएं भी बढी हैं। ऐसी ही एक समस्या है हाइपोएक्टिव  सेक्सुअल  डिजायर  डिसॉर्डर  (एचएसडीडी)। हालांकि इसका सही-सही कारण वैज्ञानिक नहीं खोज पाए हैं, लेकिन इसके लक्षणों के... आगे पढ़े

परिवार के सहयोग से दूर हुआ डिप्रेशन

Updated on 6 November, 2014, 10:00
लगभग 5 साल पहले की बात है। एक रोज मेरे पास किसी स्त्री का फोन आया। वह काफी परेशान लग रही थी। बातचीत से मालूम हुआ कि उसकी शादी को 15 साल हो चुके हैं और वह दो बचों की मां है। पति सरकारी नौकरी में हैं। उसका कहना था... आगे पढ़े

भरोसा मुकम्मल हो तभी शादी करें

Updated on 18 October, 2014, 22:32
राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय (एनएसडी) से उत्तीर्ण जाकिर हुसैन मेरठ के हैं। सरिता से इनकी मुलाकात दिल्ली में एनएसडी के दिनों में हुई। करीब 10 वर्ष तक लगातार साथ काम करने के बाद दोस्ती हुई। फिर लगा कि हमारे बीच इतनी समझदारी हो गई है कि शादी की जा सकती है।... आगे पढ़े

गुस्से ने प्यार बढ़ाया

Updated on 17 September, 2014, 18:46
मेरी शादी हुए कई साल बीत गए हैं। इन वर्षो में कई बार और काफी नोकझोंक हुई है। यह कुछ समय पहले की बात है इनकी तबियत थोड़ी खराब थी और यह बात-बात पर गुस्सा हो जाते थे। दो दिन तक तो मैं चुप रही, लेकिन तीसरे दिन मुझे भी... आगे पढ़े

कैसे जिंदगी की बात करें... सुनीता घिल्डियाल (देहरादून)

Updated on 1 August, 2014, 12:54
गुमनाम आवाज़ों के लश्कर में खोई-खोई बहार है, रुठा-रुठा मौसम है कैसा उदास मंज़र है इसमें तुम और मैं दीवानों की मानिंद मिलकर कैसे जिंदगी की बात करें शहरों की बौखलाई सड़कों पे रफ़्तार में बंधा मौसम धूल और आवाज़ों का समंदर कितनी ऊब है यहां, इसमें, तुम और मैं दीवानों की मानिंद मिलकर कैसे जिंदगी की बात करें। सवेरे की सोचते... आगे पढ़े

प्यार का तोहफा अनमोल

Updated on 13 May, 2014, 14:25
मां और संतान के रिश्ते से खूबसूरत रिश्ता नहींहै कोई। मां बच्चे की आंखें पढ़ना जानती है, उसका हर दर्द समेट लेती है अपने आंचल में। सही-गलत का फर्क सिखाती है। बच्चे की गल्तियों पर उसे सजा देना भी जानती है, ताकि संवार सके उसका भविष्य। इस मदर्स डे पर... आगे पढ़े

मदर्स डे : ताकि मां बची रह सके...

Updated on 9 May, 2014, 13:00
मां, एक शब्द शहद की मिठास से भरा। मां, एक रिश्ता परिभाषाओं की परिधि से परे। मां, बेशुमार संघर्षों में अनायास खिल उठने वाली एक आत्मीय मुस्कान, एक शीतल एहसास। मां, न पहले किसी उपाधियों की मोहताज थीं, ना आज किसी कविता की मुखापेक्षी। निरंतर देकर भी जो खाली नहीं... आगे पढ़े

दरअसल