Saturday, 21 September 2019, 9:41 PM

धर्म एवं संस्कृति

श्राद्ध में कौए को क्यों माना जाता है पितर? जानिए 10 रहस्य

Updated on 21 September, 2019, 6:30
भादौ महीने के 16 दिन कौआ हर घर की छत का मेहमान बनता है। ये 16 दिन श्राद्ध पक्ष के दिन माने जाते हैं। कौए एवं पीपल को पितृ प्रतीक माना जाता है। इन दिनों कौए को खाना खिलाकर एवं पीपल को पानी पिलाकर पितरों को तृप्त किया जाता है। श्राद्ध... आगे पढ़े

श्राद्ध और गया का महत्व 

Updated on 21 September, 2019, 6:15
पूर्व काल में गया नामक परम वीर्यवान एक असुर हुआ। उसने सभी प्राणियों को संतप्त कर रखा था। देवगण उसके वध की इच्छा से भगवान श्रीहरि विष्णु की शरण में गए। श्रीहरि ने उनसे कहा-आप लोगों का कल्याण होगा, इसका महादेह गिराया जाएगा। देवताओं ने बहुत अच्छा इस प्रकार कहा।... आगे पढ़े

पाप कर्म का फल हानिकारक है 

Updated on 21 September, 2019, 6:00
कहहिं कबीर यह कलि है खोटी। जो रहे करवा सो निकरै टोटी।। एक छोटा सा पहाड़ी गांव था। ग्राम के सभी लोग शराब व मांस का सेवन करते थे। जो शराब नहीं पीता था, जो मांस नहीं खाता था उसे ग्राम सजा के रूप में ग्राम बाहर कर देते थे।... आगे पढ़े

श्रद्धा भाव से किया जाना ही श्राद्ध है 

Updated on 20 September, 2019, 6:30
श्रद्धया इदं श्राद्धम, अर्थात जो श्रद्धा से किया जाये वही श्राद्ध है। श्राद्ध प्रथा वैदिक काल के बाद शुरू हुई और इसके मूल में इसी श्लोक की भावना है। उचित समय पर शास्त्र सम्मत विधि द्वारा पितरों के लिए श्रद्धा भाव से मन्त्रों के साथ जो दान-दक्षिणा आदि दिया जाय... आगे पढ़े

काला कौआ श्राद्ध पक्ष का चहेता 

Updated on 20 September, 2019, 6:15
सूरज निकलते ही घर की मुंडेर पर बैठे कौवों की ‘काँव-काँव’ शुरू हो जाती हैं, जो सूरज ढलने तक जारी रहती हैं। शाम को कौए अपने बसेरे की तरफ उड़ जाते हैं। विष्णु पुराण में श्राद्धपक्ष में भक्ति और विनम्रता से यथाशक्ति भोजन कराने की बात कही गई है। कौए... आगे पढ़े

सम्मान करो संपूर्णता से 

Updated on 20 September, 2019, 6:00
तुम किसी का सम्मान उसकी ईमानदारी, बुद्धिमत्ता, प्रेम और कार्य कुशलता जैसे सद्गुणों के लिए करते हो परंतु समय के साथ-साथ इन गुणों में परिवर्तन आता है। जिसके कारण तुम उनका सम्मान नहीं कर पाते। तुम केवल सद्गुणों का, महानता का सम्मान करते हो। मैं संपूर्णता से हर एक का... आगे पढ़े

अपने पास न रखें ये वस्तुएं  

Updated on 19 September, 2019, 7:00
हम अपने पास जेब में कई चीजें रखते हैं जो वास्तु शास्त्र के हिसाब से नुकसानदेह होती हैं। हमारी आर्थिक स्थिति पर इसका विपरीत प्रभाव पडता है। वास्तु शास्त्र के अनुसार ऐसी कई वस्तुएं हैं जिन्हें हमें अपने पास नहीं रखना चाहिये। वास्तु शास्त्र सकारात्मक एवं नकारात्मक ऊर्जा के बारे में... आगे पढ़े

शिवजी को ब्रह्माकपाल में मिली थी, पाप से मुक्ति  

Updated on 19 September, 2019, 6:45
पिंडदान के लिए एक तीर्थ ऐसा भी है जहाँ पर किया पिंडदान गया से भी आठ गुणा फलदायी है, यही नहीं इसी तीर्थ स्थल पर भगवा‌न शिव को भी ब्रह्महत्या के पाप से मुक्ति मिली थी।चारों धामों में प्रमुख बदरीनाथ के पास स्थित ब्रह्माकपाल के बारे में मान्यता है कि... आगे पढ़े

शयनकक्ष में न रखें डरावनी तस्वीरें व वस्तुएं  

Updated on 19 September, 2019, 6:30
शयनकक्ष आपके घर की वो जगह होती है जहां आप दिन भर की थकान भुलाकर तरोताजा होते हैं। पर कई वस्तुएं रात के समय सिर के पास नहीं होनी चाहिये। वरना नींद में खलल के साथ आपकी रातें भी डरावनी हो जाएंगी।  पर्स या पैसे अक्‍सर देखने को मिलता है कि लोग... आगे पढ़े

पितृपक्ष में पशु-पक्षियों को दें भोजन  

Updated on 19 September, 2019, 6:15
हिंदू धर्म की मान्यता के अनुसार पितृपक्ष के 16 दिनों तक हमारे पूर्वज धरती पर आकर हमें आशीर्वाद देते हैं। ये पितृ पशु पक्षियों के माध्यम से हमें देखने आते हैं। जिन जीवों तथा पशु पक्षियों के माध्यम से पितृ आहार ग्रहण करते हैं वो हैं - गाय, कुत्ता, कौवा... आगे पढ़े

पिंडदान क्यों है जरूरी 

Updated on 19 September, 2019, 6:00
सनातन धर्म में 16 दिन पूर्वजों के लिए माने जाते हैं। मान्यता है कि अगर पितरों की आत्मा को मोक्ष नहीं मिला है, तो उनकी आत्मा भटकती रहती है। इससे उनकी संतानों के जीवन में भी कई बाधाएं आती हैं, इसलिए पितरों का पिंडदान जरूरी माना गया है। हिंदू धर्म में... आगे पढ़े

इंद्र की सबसे सुंदर अप्सरा का ऐसे हुआ जन्म, किया यह कारनामा

Updated on 18 September, 2019, 6:30
इंद्र की अनेक अप्सराओं में एक अप्सरा का नाम तिलोत्तमा है। इनका नाम इनके अद्भुत सौंदर्य की वजह से है। इस अद्भुत सौंदर्य वाली अप्सरा के जन्म के पीछे बड़ी ही रोचक कथा है। पुराणों में मौजूद कथाओं में दो घटनाओं में जिक्र मिलता है कि क्यों तिलोत्तमा का जन्म... आगे पढ़े

वस्तु या व्यक्ति की उपयोगिता ही उसे महत्वपूर्ण बनाती है

Updated on 18 September, 2019, 6:15
कविवर रहीम का एक दोहा है- ‘धनि रहीम जल पंक को लघु जिय पियत अघाय, उदधि बड़ाई कौन है, जगत पियासो जाय।’ रहीम कहते हैं कि कीचड़ के ऊपर ठहरा या तैरता हुआ पानी धन्य है जिसे पीकर छोटे-छोटे जीव अर्थात कीड़े-मकोड़े तृप्त होकर प्रसन्न हो जाते हैं, लेकिन समुद्र... आगे पढ़े

आत्मा का दिव्य भाव 

Updated on 18 September, 2019, 6:00
जो व्यक्ति दिव्य पद पर स्थित है, वह न किसी से ईष्या करता है और न किसी वस्तु के लिए लालायित रहता है। जब कोई जीव इस संसार में भौतिक शरीर से युक्त होकर रहता है, तो समझना चाहिए कि वह प्रकृति के तीन गुणों में से छूट जाता है।... आगे पढ़े

श्राद्धपक्ष : पित्रों के तर्पण का दिवस

Updated on 17 September, 2019, 6:30
पौराणिक ग्रन्थों के अनुसार श्राद्ध पर्व सितम्बर महीने में अश्विन मास (क्वॉर) के कृष्ण पक्ष से प्रारंभ होते है, हिन्दु मान्यताओं के अनुसार श्राद्ध पर्व में पितरों का तर्पण किया जाता है, श्राद्ध पक्ष में पुरखों को बैठाया जाता है, तथा पन्द्रह दिन तक उनका शोडषपचार पूजन व उनका भोग... आगे पढ़े

वास्तु शास्त्र के जनक हैं विश्वकर्मा -17 सितम्बर विश्वकर्मा जयंती पर विशेष

Updated on 17 September, 2019, 6:15
विश्व के प्राचीनतम तकनीकी ग्रंथों का रचयिता भी विश्वकर्मा को ही माना गया है। इन ग्रंथों में न केवल भवन वास्तु विद्या, रथादि वाहनों के निर्माण, बल्कि विभिन्न रत्नों के प्रभाव व उपयोग आदि का भी विवरण है। देव शिल्पी के विश्वकर्मा प्रकाश को वास्तु तंत्र का अपूर्व ग्रंथ माना... आगे पढ़े

प्रधानता आत्मा को 

Updated on 17 September, 2019, 6:00
मनुष्य सामान्यत: जो बाह्य में देखता, सुनता, समझता है वह यथार्थ ज्ञान नहीं होता। किन्तु भ्रमवश उसी को यथार्थ ज्ञान मान लेता है। अवास्तविक ज्ञान को ही ज्ञान समझकर और उसके अनुसार अपने कार्य करने केकारण मनुष्य अपने मूल उद्देश्य सुख-शान्ति की दिशा में अग्रसर न होकर विपरीत दिशा में... आगे पढ़े

इन तस्वीरों को लगाकर बेडरूम में बढ़ा सकते हैं प्यार का अहसास

Updated on 16 September, 2019, 6:15
ज्यादातर घर में तस्वीरें और मूर्तियों को सजाकर रखा जाता है, इससे घर आर्कषक लगने लगता है। इसका मतलब होता है कि कोई आपके घर को देखे और तारीफ करे। तस्वीरें घर में लगाने से न सिर्फ घर की सुंदरता बढ़ती है बल्कि वास्तु के अनुसार, कुछ तस्वीरों को सुबह... आगे पढ़े

 कैंची काटती है, सुई जोड़ती है 

Updated on 16 September, 2019, 6:00
कैंची काटती (तोड़ती) है और सुई जोड़ती है। यही कारण है कि तोड़ने वाली कैंची पैर के नीचे पड़ी रहती है और जोड़ने वाली सुई सिर पर स्थान पाती है। इसलिए मनुष्य का यही धर्म है कि इनसान को जोड़े न कि तोड़े। उन्होंने सास-बहू में एका होने का आह्वान... आगे पढ़े

श्राद्ध-श्रद्धापूर्ण स्मरण : पितरों की पूजा को समर्पित

Updated on 15 September, 2019, 6:15
हिन्दी पंचांग के आश्विन माह के कृष्णपक्ष में श्राद्ध के सोलह दिन भारतीय समाज में पितरों की पूजा के लिए समर्पित हैं। अनन्त चतुर्दशी के दूसरे दिन प्रात:काल स्नान के पश्चात पितरों की पीठ की स्थापना की जाती है। यह पीठ परिवार का कोई भी पुरुष स्थापित कर सकता है।... आगे पढ़े

जहाँ शांति है वही सुख 

Updated on 15 September, 2019, 6:00
यदि हमारे पास दुनिया का पूरा वैभव और सुख-साधन उपलब्ध है परंतु शांति नहीं है तो हम भी आम आदमी की तरह ही हैं। संसार में मनुष्यों द्वारा जितने भी कार्य अथवा उद्यम किए जा रहे हैं सबका एक ही उद्देश्य है 'शांति'। सबसे पहले तो हमें ये जान लेना... आगे पढ़े

पितृ पक्ष 2019 : पितृ दोष दूर करने का सबसे सही समय, 4 सरल उपाय करें इन 16 दिनों में

Updated on 14 September, 2019, 6:45
 अस दौरन पितरों के निमित्त श्राद्ध किया जाता है। मान्यता है कि हमारो पूर्वज सूक्ष्म रूप में हम तक पहुंचते हैं। अगर किसी की कुंडली में पितृदोष हो तो यह सबसे उत्तम समय है उससे मुक्ति का। अनिष्टकारी प्रभावों से बचने के लिए श्राद्ध के 16 दिनों में 4 सरल... आगे पढ़े

कालसर्प दोष क्या है? इसके भयानक लक्षण और बचाव, जानिए लाल किताब के उपाय

Updated on 14 September, 2019, 6:30
कुछ विद्वान मानते हैं कि काल सर्प दोष नहीं होता और कुछ इसे मानते हैं। दरअसल राहु और केतु के कारण ही काल सर्प दोष होता है। इसलिए लाल किताब में राहु और केतु के अचूक उपाय बताए गए हैं। आओ जानते हैं काल सर्प दोष के बारे में संक्षिप्त... आगे पढ़े

जीवन एक क्रिकेट मैच 

Updated on 14 September, 2019, 6:00
प्रांतिकारी संत तरुणसागरजी ने क्रिकेट की व्याख्या करते हुए कहा कि जीवन एक क्रिकेट है, धरती की विराट पिच पर समय बॉलिंग कर रहा है। शरीर बल्लेबाज है, परमात्मा के इस आयोजन पर अम्पायर धर्मराज हैं। बीमारियाँ फील्डिंग कर रही हैं, विकेटकीपर यमराज हैं, प्राण हमारा विकेट है, जीवन एक... आगे पढ़े

पार्वण श्राद्ध 

Updated on 13 September, 2019, 6:15
श्राद्ध क्यों : सनातन हिन्दू धर्मावलम्बियों ने पूर्व पुरूषों के प्रति आभार, आदर और श्रद्धा व्यक्त करने के लिए अपने धर्म शास्त्रों के निर्देशानुसार जिस विधि को अपनाया है। उसका नाम है श्राद्ध। श्राद्ध शब्द की उत्पत्ति श्रद्धा से हुई है। पुलस्त्य स्मृति वायु पुराण श्राद्ध तत्व आदि ग्रंथों में... आगे पढ़े

क्या हैं आध्यात्मिक होने का अर्थ 

Updated on 13 September, 2019, 6:00
यह प्रश्न किसी भी जिज्ञासु के मन में उठ सकता है कि हमें ठीक-ठीक ऐसा क्या करना चाहिए ताकि वह जो परम है, जो परमेश्वर है, वह मेरे जीवन में घटित हो सके? सदगुरु इसका उत्तर देते हैं कि अध्यात्म भीगी बिल्लियों के लिए नहीं है, क्या तुम समझ रहे... आगे पढ़े

जानिए क्यों गया को कहते हैं 'मोक्ष की धरती', राम-सीता ने भी किया था राजा दशरथ का पिंडदान

Updated on 12 September, 2019, 22:45
गया: बिहार (Bihar) के गया को 'मोक्ष की धरती' भी कहते हैं. मान्यता है कि यहां खासकर पितृ पक्ष में पुरखों के पिंडदान और तर्पण से उन्हें मोक्ष मिलता है. हिंदू धर्म में गया के फल्गु तट पर पिंडदान का खास महत्व बताया गया है. गरुड़ पुराण में भी गया... आगे पढ़े

जल्द पूरा होगा मां वैष्णो देवी के भक्तों का सपना, मंदिर के लिए तैयार हो रहा सोने का द्वार

Updated on 12 September, 2019, 19:49
जम्मू: विश्व भर से सालाना लाखों की संख्या में मां वैष्णो देवी (Vaishno Devi) के दर्शनों को आने वाले श्रद्धालुओं के लिए खुशखबरी है. जल्द ही श्रद्धालुओं (Devotees) को विश्व प्रसिद्ध तीर्थ स्थल वैष्णो देवी भवन पर मां वैष्णो देवी की प्राचीन गुफा (cave) के प्रवेश द्वार के स्वर्णिम दर्शन... आगे पढ़े

उंगलियों की दूरी भी बताती है कैसा रहेगा जीवन  

Updated on 12 September, 2019, 10:00
हाथ की रेखाओं के साथ आप उंगलियों से भी आप वर्तमान और भविष्य के बारे में जान सकते हैं। हस्तरेखा विज्ञान के अनुसार,हस्तरेखा में उंगलियों की लंबाई के साथ उनकी बनावट और उनके बीच की दूरी भी इंसान के बारे में बता सकती है। अंगुलियों के बीच का अंतर भविष्य... आगे पढ़े

वास्‍तु से दूर होगी पैसों की तंगी  

Updated on 12 September, 2019, 9:00
घर में आर्थक परेशानी है और मेहनत के बाद भी अगर आपको सफलता नहीं मिल पा रही है तो कहीं न कहीं आपके घर का वास्‍तु भी इसके लिए जिम्‍मेदार हो सकता है। घर के वास्‍तु में बदलाव करने के लिए आपको कोई विशेष बदलाव की जरुरत नहीं है। सामान्य... आगे पढ़े

दरअसल